भारत और अफगानिस्तान के बढ़ते रिश्ते पाकिस्तान को नगवार गुजर रहे हैं। इस नजदीकी से खफा पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क और तालिबान जैसे प्रॉक्सी संगठन का इस्तेमाल दोनों पड़ोसियों के खिलाफ कर सकता है। अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा सेंटर के विशेषज्ञ सेथ जोन्स का मानना है कि अफगानिस्ताम मौजूदा समय में भारत का बड़ा सहयोगी बन कर उभर रहा है, जो पाक को नामंजूर है। भारत पाक के लिए विरोधी है और ऐसे में अफगानिस्तान भी उसका विरोधी बन जाता है।
पाकिस्तान ने प्राक्सी संगठनों का इस्तेमाल अपनी विदेश नीति में शामिल कर लिया है। यानी कश्मीर मु्द्दे और अफगानिस्तान में पाक इन दोनों संगठनों की मददद करने वाला है। पाकिस्तानी सरकार अपनी नीति पर कायम है क्योंकि वह हर चीज भारत से युद्ध के रूप में देखती है। पाकिस्तान उन संगठनों की मदद कर रहा है, जो उसपर भी हमला कर उसे खोखला करने पर आमादा हैं।
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अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञ बिल रोजियो ने कहा, "जब तक पाक सरकार और मिलिट्री इंटेलिजेंस एकजुट होकर इस मुद्दे पर विचार नहीं करेंगे, यह समस्या कई दशकों तक नहीं सुलझने वाली।" बता दें, कि अमेरिका ने पिछले कुछ सालों में 33 बिलियन डॉलर (2.11 लाख करोड़ रुपये) पाकिस्तान को सहायता के रूप में दिए हैं।