माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि विपक्षी दलों की एकता का पहला टेस्ट आगामी राष्ट्रपति पद का चुनाव है। उन्होंने कहा कि यह एक चुनौती है और समय की जरूरत भी। समाजवादी चिंतक, विचारक, नेता स्व. मधु लिमये को उनके 95 वें जन्मदिन पर याद करते हुए सीताराम येचुरी ने कहा कि उनके विचार और दृष्टि में आधुनिक भारत के निर्माण का चरित्र था। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सब मिलजुलकर एक परिस्थिति का निर्माण आगामी राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सामाझा उम्मीदवार खड़ा करके इस लक्ष्य को हासिल करें।
येचुरी ने कहा कि देश का राष्ट्रपति कैसा हो, यह एक चुनौती है और धर्म निरपेक्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करने वाले दलों इसके लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। माकपा महासचिव ने कहा कि यह समय इसे तय करने का नहीं है कि वर्ग संघर्ष के जरिए आधुनिक भारतीय चरित्र का निर्माण होगा या फिर जाति संघर्ष से। उन्होंने कहा कि यह वह समय है जिसमें समाजवादी, वामपंथी, कांग्रेसी सभी विचारधाराओं को साथ आना होगा।