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अमेरिकी चुनाव: राज्यों में अलग-अलग नियम, नतीजे आने में इसीलिए हो रही है देरी

Thu, 05 Nov 2020 08:28 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला रिसर्च टीम
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अमेरिका में मतपत्रों की गिनती जारी
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अमेरिका में भारत की तरह चुनाव आयोग जैसी संस्था नहीं है। वहीं हर राज्य के अपने अलग कानून हैं, ऐसे में सभी राज्य इनका पालन करते हुए मतगणना करवाते हैं। यही वजह है वहां कौन जीता और किसे कितने वोट मिले इसकी आधिकारिक जानकारी सरकारी एजेंसी के मार्फत जारी नहीं होती। इसके बजाय फॉक्स न्यूज और एसोसिएटेड प्रेस जैसी समाचार संगठनों द्वारा जारी रुझानों से परिणाम का आकलन किया जाता है। 

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इनके पास देशभर की मतगणना के आंकड़ों का संकलन होता है जिनके आधार पर वे विभिन्न राज्यों में प्रत्याशियों की स्थिति को सामने रखते हैं और किसे कितने इलेक्टोरल कॉलेज के वोट मिले हैं बताते हैं।

अमेरिका में विभिन्न राज्यों में आबादी के अनुपात में कुल 538 इलेक्टोरल कॉलेज वोट विभाजित किए गए हैं। जिस राज्य में जिस दल को ज्यादा वोट मिलते हैं, उस राज्य के समस्त वोट उसी के मान लिए जाते हैं। हालांकि मतगणना पूरी होने में सभी जगह अलग-अलग समय लगता है।
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यही वजह है मतगणना पूरी हुए बगैर स्पष्ट रुझानों के आधार पर राष्ट्रपति कौन बना घोषणा कर दी जाती है। वास्तविक मतगणना और परिणाम आने में कई बार हफ्ते लग जाते हैं। न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया में जीत का सर्टिफिकेट सात और 11 दिसंबर को जारी होगा।

डाक मत पत्र गिनने में लग रहा वक्त
कोरोना की वजह से अधिकतर नागरिकों ने डाक मतपत्रों का उपयोग किया। इनमें बड़ी संख्या में मतपत्र मंगलवार के बाद तक पहुंच रहे हैं। इन्हें गिनने में और ज्यादा समय लग रहा है।

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