अमेरिका की मामूली सी 19 कर्मचारियों वाली कंपनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत में 500 अरब डॉलर (करीब 30 लाख करोड़) निवेश करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी ने कहा है कि वह भारत में बुनियादी ढांचे नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) में निवेश करना चाहती है। दिलचस्प बात यह है कि इस कंपनी लैंडोमस रियल्टी का खुद का राजस्व महज डेढ़ करोड़ डॉलर है।
कंपनी द्वारा अपनी वेबसाइट और समाचारपत्रों के जरिये जारी विज्ञापन में कहा गया है, कंपनी भारत में (एनआईपी) इक्विटी में करीब 30 लाख करोड़ रुपये निवेश करना चाहती है। इसके जरिये पहले चरण में वह 20 खरब डॉलर एनआईपी और गैर एनआईपी परियोजनाओं में निवेश करेगी। लैंडोमस ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप कुमार सत्यप्रकाश ने प्रमुख अखबारों में दिए विज्ञापन में कहा है कि उनके समूह का उद्देश्य भारत के पुनर्निर्माण 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सरकार को उसके प्रयास में मदद करना है।
हमारे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से विनम्र अपील शीर्षक से प्रकाशित विज्ञापन में कहा गया है, लैंडोमस ग्रुप आपसे अनुरोध करता है कि न्यू इंडिया के आपके सपने को पूरा करने के लिए उसे एक मौका दिया जाए। एक पेज की वेबसाइट पर चलने वाली इस कंपनी के बारे में ज्यादा ब्योरा नहीं दिया गया है। कंपनी की वेबसाइट 2015 में पंजीकृत हुई है, जिसका मुख्यालय शिवन शेट्टी गार्डन, कर्नाटक में है। वहीं लैंडोमस रियल्टी का पता न्यूजर्सी अमेरिका का है।
वित्त मंत्री ने 2019 में पांच सालों में 111 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की थी
उल्लेखनीय है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दिसंबर 2019 में एनआईपी की घोषणा की थी। इसके तहत सरकार ने 2020 से 2025 तक देश के तमाम ढांचागत परियोजनाओं में 111 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।