अभिनेत्री से नेत्री बनीं उर्मिला मातोंडकर ने कहा है कि उन्हें कांग्रेस के साथ कुछ समय तक जुड़ने का कोई पछतावा नहीं है। जहां तक पार्टी नेतृत्व की बात है, तो उनके लिए मेरे मन में काफी सम्मान की भावना है। उन्होंने आगे कहा कि मैं छह महीने से भी कम पार्टी में रही और लोकसभा चुनाव के लिए 28 दिनों तक प्रचार की अच्छी यादें मेरे साथ हैं।
मेरे लिए ये सब कोई अफसोस की बात नहीं। कांग्रेस छोड़ने के बाद भी पार्टी के बारे में मैंने कुछ नहीं कहा। मुझे कोई कारण नजर नहीं आता, तो अब क्यों ऐसा करना चाहूंगी। कांग्रेस से इस्तीफा देने के अपने फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, मेरे लिए अंतर अंतरात्मा की आवाज ज्यादा मायने रखती है।
वहीं, मातोंडकर ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार ने एक साल में शानदार काम किया है और महामारी और प्राकृतिक आपदा के समय लोगों की अच्छी देखभाल की।
उन्होंने कहा कि वह ‘जनता की अदाकारा’ हैं और ‘जनता की नेता’ बनने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी। मातोंडकर ने कहा, मैं ऐसी नेता नहीं बनना चाहती, जो एसी रूम में बैठकर ट्वीट करे। मुझे पता है क्या करना है और कैसे काम करना है। मैं अनुभवों से सीख लूंगी। बता दें कि मातोंडकर 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर मुकाबले में उतरी थीं लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली। एक साल बाद वह शिवसेना में शामिल हो गईं।