राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया था कि विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' संसद के विशेष सत्र की मांग करने से पहले विदेश से लौट रहे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों का इंतजार करे। कांग्रेस सहित 16 विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। जिसमें मांग की गई है कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए, ताकि पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के घटनाक्रम पर चर्चा हो।
सुले ने भी एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था, जिसने कतर, इथियोपिया, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वह उस पत्र (पीएम मोदी को लिखा) पर हस्ताक्षर नहीं कर पाईं, क्योंकि वह उस समय विदेश दौरे पर थीं।
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उन्होंने कहा, 'मेरी पार्टी का मानना था कि जब ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है, तब इस पर चर्चा की कोई जरूरत नहीं है। पवार साहब (शरदचंद्र पवार) का हमेशा यह मानना रहा है कि विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उस समय की सरकार का साथ देना चाहिए।'
महाराष्ट्र के पुणे जिले की बारामती सीट से सांसद सुले ने कहा कि विपक्षी गठबंधन इंडिया की ओर से लिखा गया पत्र सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की वापसी के बाद भी सौंपा जा सकता था। शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है।
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सुले ने कहा, मैं एक ओर विदेश में अपने देश का पक्ष रख रही थी और उसी समय संसद के विशेष सत्र और चर्चा की मांग नहीं कर सकती थी। मैंने कांग्रेस नेताओं से कहा था कि मैं लौटने के बाद इंडिया ब्लॉक की बैठकों में शामिल हो जाउंगी। जब संसद का मानसून सत्र शुरू होगा, तब हम सरकार से पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जरूर पूछेंगे।
सरकार ने कई सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को विदेश भेजा है, ताकि यह बताया जा सके कि पाकिस्तान आतंकवाद को लगातार समर्थन दे रहा है और भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया।