उन्होंने ईमेल में लिखा, 'सीएम के साथ हमारी पिछली बैठक को लेकर हम दोहराना चाहेंगे कि हमारी पांच सूत्री मांग के संबंध में कुछ प्रमुख बिंदु थे, जो अब तक अनसुलझे हैं। खास तौर पर हमारे चौथे और पांचवें बिंदु स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के विकास, सुरक्षा, संरक्षा और डॉक्टर्स को संभावित खतरे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जरूरत है।'
पश्चिम बंगाल में आंदोलन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार को राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने राज्य स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय के बाहर चल रहे अपने धरने को खत्म करने के लेकर कुछ अहम शर्तें रखी हैं। पत्र में अस्पतालों में सुरक्षा जैसे कुछ महत्वपूर्ण अनसुलझे मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई है। चिकित्सकों ने प्रस्तावित बैठक के एजेंडे के रूप में राज्य संचालित अस्पताल परिसर के अंदर सुरक्षा के मुद्दों और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वादा किए गए विशेष टास्क फोर्स को लेकर अहम जानकारियां दी हैं।
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उन्होंने ईमेल में लिखा, 'सीएम के साथ हमारी पिछली बैठक को लेकर हम दोहराना चाहेंगे कि हमारी पांच सूत्री मांग के संबंध में कुछ प्रमुख बिंदु थे, जो अब तक अनसुलझे हैं। खास तौर पर हमारे चौथे और पांचवें बिंदु स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के विकास, सुरक्षा, संरक्षा और डॉक्टर्स को संभावित खतरे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जरूरत है।'
इससे पहले सोमवार रात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में उनके कालीघाट स्थित आवास पर चिकित्सकों और सरकार के बीच बैठक हुई थी। इसमें चिकित्सकों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के समाधान के लिए उठाए गए कदम के तहत एक कार्य बल गठित करने पर सहमति बनी। चिकित्सकों ने सरकारी अस्पतालों के सत्ता गलियारों में कुछ खास तबकों से छात्रों और प्रशिक्षुओं को निशाना बनाने उन्हें धमकी देने के मौजूदा माहौल पर चिंता जताई थी।
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बैठक के विवरण में छठे बिंदु का जिक्र करते हुए कहा गया, 'अस्पतालों और कॉलेज परिसरों में रक्षा और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। राज्य सरकार ने गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता के पुलिस आयुक्त (सीपी) सहित मुख्य सचिव तथा कनिष्ठ चिकित्सकों द्वारा प्रस्तावित प्रतिनिधियों की अगुवाई में एक कार्य बल के गठन का प्रस्ताव दिया, जो संबंधित मामलों को देखेगा।'
बता दें कि मुख्यमंत्री के चिकित्सकों से अपना ‘काम रोको’ अभियान वापस लेने और ड्यूटी पर लौटने के बार बार अनुरोध के बावजूद उनका अभियान लगातार 40वें दिन जारी है। आरजी कर अस्पताल से नौ अगस्त को एक प्रशिक्षु चिकित्सका का शव बरामद होने के बाद से चिकित्सकों ने काम काज रोक रखा है। प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने वार्ता की शर्तों के पूरा होने तक राज्य स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ‘स्वास्थ्य भवन’ के बाहर अपना धरना जारी रखने की घोषणा की है। 'स्वास्थ्य भवन' के बाहर धरना पिछले नौ दिन से जारी है।