पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए यूपीए सरकार ने जो सद्भावना मिशन शुरू किया था पड़ोसी देश ने उसकी आड़ में भारत के साथ विश्वासघात करने का काम किया है। साल 2010 में यूपीए सरकार ने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए सद्भावना मिशन के तहत जैश ए मोहम्मद के जिस आतंकी शाहिद लतीफ को छोड़ा था उसी ने पठानकोट में हुए आतंकी हमले का तानाबाना बुना था। सूत्रों के अनुसार शाहिद लतीफ ही पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार उच्च सूत्रों ने बताया कि 47 साल का शाहिद लश्कर ए तोएबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश ए मोहम्मद के उन 25 आतंकियों में से एक था जिन्हें रिहा किया गया। तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों में सुधार के लिए 28 मई 2010 को जम्मू, श्रीनगर, आगरा, वाराणसी, नैनी और तिहाड जेल से 25 आतंकियों को रिहा करके वाघा बार्डर के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया था।
11 साल भारत की जेल में बंद रहे लतीफ को छुड़वाने के लिए तब भी प्रयास किया गया था जब दिसंबर 1999 में लश्कर के आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस के प्लेन को हाइजैक कर लिया था। जैश के चीफ मौलाना मसूद अजहर और उसके साथ दो आतंकियों को तब वाजपेयी सरकार ने रिहा कर दिया था, लेकिन लतीफ और अन्य 31 आतंकियों को छोड़ने से इंकार कर दिया गया था।
जैश ए मोहम्मद के हैंडलर शाहिद लतीफ ने करवाया पठानकोट हमला
लतीफ उस समय भारत में जैश ए मोहम्मद की आतंकी गतिविधियों को प्रमुख हैंडलर था। उस समय एनडीए सरकार ने मुश्ताक अहमद जरगर और उमर शेख को भी रिहा किया था।
इंडियन एयरलाइन के प्लेन की हाइजैकिंग और संसद पर 2001 में हुए हमले के बाद लतीफ को जम्मू कश्मीर से वाराणसी की सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया था क्योंकि सरकार को आशंका थी कि आतंकी उसे छुड़ाने के लिए फिर कोई बड़ी वारदात कर सकते हैं।
पाकिस्तान के गुंजरावाला के अमीनाबाद कस्बे के मोर गांव का रहने वाले लतीफ को मसूद अजहर का काफी करीबी माना जाता है। वह भारत में जैश का प्रमुख हैंडलर है, यहां होने वाली गतिविधियों में उसकी प्रमुख भूमिका रहती है।
एनआईए ने लतीफ की पहचान उन चार प्रमुख हैंडलरों के साथ की है जिन्होंने हमले करवाने में प्रमुख भूमिका निभाई, इनमें नासिर हुसैन, हफीज अबु बकर, उमर फारुख और अब्दुल कय्यूम हैं। ये सभी पंजाब और सिंध प्रांत के रहने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार पठानकोट हमले के लिए लतीफ ने हथियार, कपडों और जूतों की व्यवस्था की थी।