यूपी निकाय चुनाव के नतीजों के दौरान सभी की निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर पर टिकी हैं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के गढ़ मैनपुरी और इटावा, यूपीए चेयरपर्सन और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की संसदीय क्षेत्र रायबरेली की चर्चा भी काफी अधिक है। आइए जानते हैं इन इलाकों में निकाय चुनाव के परिणाम क्या हैं...
उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के परिणाम लगभग साफ हो चुके हैं। सभी 17 नगर निगमों में भाजपा की जीत हुई है। ओवरऑल आंकड़ों को देखें तो अब तक 805 नगर निगम पार्षद, 66 नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, 1094 नगर पालिका परिषद सदस्य और 159 नगर पंचायत अध्यक्ष के पदों पर भाजपा को जीत मिली है। 1213 नगर पंचायत सदस्य पदों पर भी भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। कुल मिलाकर गांव से लेकर शहरों तक भाजपा का कब्जा बना हुआ है।
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इस बीच सबकी निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय क्षेत्र वाराणसी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर पर टिकी हैं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के गढ़ मैनपुरी और इटावा, यूपीए चेयरपर्सन और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की संसदीय क्षेत्र रायबरेली की चर्चा भी काफी अधिक है। आइए जानते हैं इन इलाकों में निकाय चुनाव के परिणाम क्या हैं?
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र का हाल
वाराणसी नगर निगम में 100 पार्षद की सीटें हैं। सभी सीटों के नतीजे जारी हो चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार, इन 100 में से 63 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। 13 पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार विजेता हुए हैं। 15 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी बाजी मार ली है। आठ सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी चुनाव जीतने में कामयाब हुए। एक पर जन अधिकार पार्टी के प्रत्याशी की जीत हुई है।
सीएम योगी के गढ़ में क्या है भाजपा की स्थिति ?
गोरखपुर नगर निगम में 80 पार्षद की सीटें हैं। इनमें से 41 पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। 17 सीटों पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार जीतने में कामयाब हुए। पांच बसपा, एक कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव जीता। 15 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीत गए।
अखिलेश के गढ़ में क्या हुआ?
इटावा और मैनपुरी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का गढ़ माना जाता है। इटावा में तीन नगर पालिका अध्यक्ष पद, 90 नगर पालिका परिषद सदस्य, तीन नगर पंचायत अध्यक्ष और 37 नगर पंचायत सदस्यों की सीट है। नगर पालिका अध्यक्ष की तीनों सीटों पर समाजवादी पार्टी की जीत हुई है।
नगर पालिका परिषद सदस्यों की बात करें तो 17 पर भाजपा को जीत मिली है। 27 पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी जीते। कांग्रेस और बसपा के खाते में एक-एक सीट गई। 46 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीत गए। एक अन्य के खाते में गई।
नगर पंचायत अध्यक्ष की बात करें तो तीन में से दो सीटों पर निर्दलीय और एक पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। नगर पंचायत सदस्यों की 18 सीटों पर भाजपा, 27 पर सपा और 34 पर अन्य को जीत मिली है।
रायबरेली में सोनिया के संसदीय क्षेत्र की क्या है स्थिति?
लंबे समय से रायबरेली लोकसभा सीट सोनिया गांधी के कब्जे में है। इस जिले में एक नगर पालिका अध्यक्ष, 34 नगर पालिका परिषद सदस्य, नौ नगर पंचायत अध्यक्ष और 110 नगर पंचायत सदस्यों का पद है। नगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा हुआ। वहीं, नगर पालिका परिषद सदस्यों की 21 सीटों पर भाजपा, 28 पर सपा, दो पर एआईएमआईएम और 28 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है।