मुफ्त योजनाओं की घोषणा कर राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश करते रहे हैं। देश के कई महत्वपूर्ण चुनाव परिणामों पर इन मुफ्त की घोषणाओं का गहरा असर देखा जाता रहा है। यूपी चुनाव में भी इनकी शुरुआत हो चुकी है। समाजवादी पार्टी ने किसानों के लिए मुफ्त बिजली, किसानों की कर्जमाफी, घरेलू उपयोग के लिए 300 यूनिट बिजली के साथ-साथ गरीब महिलाओं के लिए 18 हजार रुपये तक पेंशन की घोषणा कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही ई-श्रम कार्ड के जरिए बड़े गरीब वर्ग को अपने साथ जोड़ने की रणनीति अपना चुकी है। भाजपा के संकल्प पत्र में महिलाओं, युवाओं, गरीब वर्गों और किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं।
अखिलेश ने बांटे थे मुफ्त लैपटॉप
समाजवादी पार्टी ने 2012-17 के अपने पूर्व के शासनकाल में मुफ्त लैपटॉप बांटने की योजना बेहद सफलतापूर्वक चलाई थी। अखिलेश यादव ने गरीब परिवारों को पेंशन देने और मुफ्त राशन देने की योजना पर भी बेहतर काम किया था, इस कारण सपा की घोषणाओं का अच्छा असर हो सकता है। सपा आने वाले दिनों में कई और घोषणाओं के साथ सामने आ सकती है।
सपा की इन घोषणाओं ने भाजपा पर भी बड़ी घोषणाएं करने का दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी पहले ही किसानों के लिए कर्जमाफी, युवाओं के लिए रोजगार, मुफ्त लैपटाप, महिलाओं के लिए गैस कनेक्शन और ई-श्रम कार्ड के जरिए गरीबों-बेरोजगारों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला चुकी है। माना जा रहा है कि नई परिस्थितियों में इन योजनाओं के क्षेत्र और राशियों में बढ़ोतरी कर सकती है।
भाजपा की किसान सम्मान निधि योजना
उत्तर प्रदेश भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा ने अमर उजाला से कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जनता के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को सफलतापूर्वक संचालन किया है। कोरोना काल में देश के 80 करोड़ लोगों तक मुफ्त राशन देने की योजना सरकार के जनहित में कार्य करने की सबसे बड़ी प्रमाण रही है। किसानों के लिए हर साल 6000 रुपये की किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत करोड़ों लोगों को आवास मिलना भाजपा की जनहितकारी नीतियों के सफल उदाहरण रहे हैं।