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UP Election 2022: आंदोलन में शहीद किसानों को 25 लाख रुपये मुआवजा, गृह जिलों में स्मारक बनाने का वादा कर सकते हैं अखिलेश

सार

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव किसानों को पूरी तरह अपने पक्ष में लाने के लिए ठोस रणनीति बनाने में जुटे हैं। किसानों की सबसे बड़ी मांग बिजली की दरों को कम करने की रही है। अखिलेश यादव प्रदेश में सपा सरकार बनने पर किसानों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा कर चुके हैं। इसके अलावा हर घरेलू उपभोक्ता को भी 300 यूनिट बिजली देने की नीति बनाई गई है...
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अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी पार्टी किसानों को पूरी तरह अपने पाले में लाने के लिए चुनाव घोषणा पत्र में बड़ा वायदा कर सकती है। इसमें किसान आंदोलन के दौरान मारे गए सभी किसानों को शहीद का दर्जा देना और सभी मृत किसानों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा शामिल हो सकती है। इसके अलावा आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के गृह जनपद में उनका शहीद स्मारक बनवाने का वादा भी किया जा सकता है। अगले कुछ दिनों में घोषणा पत्र में इसका औपचारिक एलान हो जा सकता है।

किसानों की बिजली दल कम करने की मांग

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव किसानों को पूरी तरह अपने पक्ष में लाने के लिए ठोस रणनीति बनाने में जुटे हैं। किसानों की सबसे बड़ी मांग बिजली की दरों को कम करने की रही है। अखिलेश यादव प्रदेश में सपा सरकार बनने पर किसानों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा कर चुके हैं। इसके अलावा हर घरेलू उपभोक्ता को भी 300 यूनिट बिजली देने की नीति बनाई गई है।

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लेकिन इससे भी आगे जाते हुए अखिलेश यादव राज्य के प्राइवेट बिजली कंपनियों को अपना बोरिया-बिस्तर समेटने का आदेश देने का वादा भी कर सकते हैं। यानी सपा सरकार आने के बाद केवल सरकार ही बिजली देने का काम करेगी। प्राइवेट कंपनियों को बिजली वितरण से पूरी तरह दूर कर दिया जायेगा।

किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर अनेक मुकदमे भी कायम किए गए हैं जिसका आज भी किसान सामना कर रहे हैं। सपा के घोषणा पत्र में किसानों के सभी मुकदमे वापस लेने की घोषणा की जा सकती है। माना जा रहा है कि इन घोषणाओं के बाद किसानों का समर्थन सपा-आरएलडी गठबंधन की ओर खिसक सकता है। पहले से ही किसानों की नाराजगी झेल रही भाजपा के लिए अखिलेश की इस चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा।

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