उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर सभी पार्टियां वादों की बरसात कर रही हैं। प्रियंका गांधी के सहारे कांग्रेस प्रदेश में एक बार फिर से खुद को सत्ता के करीब लाने की कोशिशों में जुटी है। महिलाओं को 40 फीसदी हिस्सेदारी के अलावा प्रियंका ने इन चुनावों में रोजगार देने के वादे को चुनावी जीत के लिए अपना सहारा बनाया है। नौकरियों के जरिए युवाओं को साधने के हित के इस चुनावी वादे में खामोशी से सॉफ्ट हिंदुत्व का तड़का भी नजर आ रहा है। शुक्रवार को यूपी चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने 'भर्ती विधान, मेरी जॉब मुझे मिलेगी' युवा घोषणा पत्र के साथ एक गीत भी जारी किया। जिसकी लाइनों को सुनकर किसी को भी बरबस ही हनुमान चालीसा की याद आ जाएगी। प्रियंका के इस लांचिंग कार्यक्रम में भाई राहुल गांधी भी उनके साथ मंच पर मौजूद थे। वे अपनी बहन की पीठ थपथपाकर और हाथ पकड़कर उनकी हौसला अफजाई करते हुए नजर आए। हालांकि यूपी से जुड़े इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ अल्पसंख्यक नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद और पार्टी के कोषाध्यक्ष को मंच पर जगह तक नहीं दी गई। वे मंच के नीचे ही नजर आए।
घोषणापत्र जारी करने के बाद प्रियंका ने मीडिया के सवालों का जवाब दिया। इस बीच प्रियंका से पूछा गया कि जब आपसे पूछा जाता है कि क्या आप चेहरा होंगी या आप मुखर तरीके से आगे होंगी, लेकिन आपने कभी जवाब नहीं दिया। पंजाब में आपकी पार्टी कहती है कि कलेक्टिव लीडरशिप में चुनाव लड़ा जाएगा, मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर हमेशा सवाल उठते रहते हैं। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा, 'आपको यूपी में किसी और का चेहरा दिख रहा है? यूपी में कांग्रेस पार्टी की तरफ से...? तो फिर...' यानी आप ही चेहरा हैं...? 'दिख तो रहा है न सब जगह मेरा चेहरा...'
कांग्रेस के इस घोषणा पत्र में 20 लाख रोजगार देने, भर्ती प्रक्रिया को दुरूस्त करने और शिक्षा का बजट बढ़ाने समेत कई वादे किए गए हैं। घोषणा पत्र जारी करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि इसे भर्ती विधान इसलिए कहा गया है क्योंकि यूपी में सबसे बड़ी समस्या भर्ती की है। आज युवा दुखी हैं, त्रस्त हैं, शिक्षित हैं, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिलता। हमारा ये प्रयास रहा है कि नौजवानों की हर समस्या इस भर्ती विधान में समाहित हो। ये जो भर्ती विधान है, इसे बनाने के लिए हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूरे यूपी में युवाओं से बात की और उनकी परेशानियों के बारे में पूछा। उन्हीं चर्चाओं से ये भर्ती विधान निकला है।
इसके अलावा घोषणापत्र में वादा किया गया है कि प्रदेश के युवाओं को नशे के जाल से निकालने के लिए एक सेंटर खोला जाएगा जो युवाओं की काउंसलिंग करेगा। इसके अलावा सांस्कृतिक क्षेत्र में युवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। हम आपके भविष्य की ठोस बात करना चाहते हैं। हर साल यूथ फेस्टिवल कराना चाहते हैं, जिससे स्थानीय संस्कृति का विकास होगा। क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकेडमी बनाना चाहते हैं। स्थानीय जगहों पर जो खेल ज्यादा लोकप्रिय हैं उन्हीं जोन में उनको बढ़ाकर ओलंपिक लेवल तक ले जाने के लिए वहीं एकेडमी बनेगी।
2017 विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन यानी भाजपा को कुल 325 सीटें मिली थीं। इनमें से अकेले भाजपा 312 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब हुई थी। वहीं भाजपा गठबंधन की अन्य दो पार्टियों में अपना दल (एस) ने 11 सीटों में नौ सीटें और ओपी राजभर की भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी ने आठ में से चार सीटें जीती थीं।
सपा और कांग्रेस गठबंधन को मात्र 54 सीटों के साथ संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस महज सात सीट जीतने में सफल हो पाई थी। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी को केवल 47 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं बसपा ने 19 सीटों पर जीत हासिल की थी। रालोद को एक सीट और अन्य के खाते में 4 सीटें गई थीं।