धर्म की नगरी मथुरा में जीत के लिए तरसी बीजेपी को मिलेगी इस बार सफलता
धर्म और आस्था की भूमि मथुरा में कभी एक छत्र राज्य करने वाली भाजपा अब जीत के लिए तरस गई है। पिछले डेढ़ से दो दशक के दौरान जिले की एक विधानसभा सीट पर भाजपा को कामयाबी नहीं मिल सकी है। हालांकि उम्मीदों के सहारे एक बार फिर चुनावी मैदान में बाजी मारने की कसरत की जा रही हैं।
राम लहर के सहारे राजनीति में फर्श से अर्श पर आई भाजपा ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली मथुरा की राजनीतिक जमीन को कांग्रेस से कब्जा लिया था। लेकिन मथुरा में भाजपा की ये राजनीतिक पकड़ ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। स्थिति इस कदर खराब हो गई है कि पांच विधानसभा क्षेत्र वाले इस जनपद में पिछले 15 से 20 सालों में भाजपा खाता तक नहीं खोल पा रही है।
भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण मथुरा शहरी सीट पर भी स्वामी राम स्वरूप शर्मा के 1996 में निर्वाचित होने के बाद जीत नसीब नहीं हुई है। यहां कांग्रेस विधायक प्रदीप माथुर के हाथों भाजपा लगातार मात खा रही है। यहां 2012 में भाजपा से डा. देवेंद्र शर्मा जीत के निकट पहुंचकर भी बाजी हार गए।