कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने मार्च में लॉकडाउन लगाया था। चार चरणों तक चले लॉकडाउन के बाद सरकार ने अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की गई। अनलॉक को अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य के साथ शुरू किया गया है। पिछले दो महीने के दौरान सरकार ने अनलॉक 1 और अनलॉक 2 में भारी छूट दी है।
अब एक अगस्त से देश में अनलॉक 3 की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। अभी तक इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार अनलॉक 3 में स्कूलों को फिर से खोलने की अनुमति दे सकती है, लेकिन अंतिम क्षणों में सरकार ने अपना इरादा बदल लिया है। इससे संबंधित चर्चाओं में शामिल शीर्ष अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो स्कूलों के अलावा मेट्रो रेल सेवाओं के भी जल्द शुरू होने की संभावना फिलहाल नहीं है। वहीं, व्यायामशाला और स्विमिंग पूल भी फिलवक्त बंद ही रखे जाएंगे। उल्लेखनीय है कि सरकार ने जून और जुलाई में क्रमश: अनलॉक 1.0 और अनलॉक 2.0 के दो चरणों की घोषणा की थी।
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दूसरी तरफ, कंटेनमेंट जोन के बाहर लगभग अधिकतर गतिविधियों की अनुमति दे दी गई है। साथ ही राज्यों को कहा गया है कि वह अगर चाहें तो लॉकडाउन को फिर से लागू कर सकते हैं। भारत में हर दिन कोविड-19 मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शनिवार को 48,485 नए मामले रिपोर्ट किए गए, इस तरह देश में संक्रमितों की संख्या 13,83,959 हो गई।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सोमवार को स्कूलों को फिर से खोलने पर राज्यों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श शुरू किया जो महामारी के कारण मार्च से बंद हैं। इस बैठक की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा की सचिव अनीता करवाल ने की। बैठक में राज्य शिक्षा सचिवों ने छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा, स्कूलों में स्वच्छता उपायों और ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जून में कहा था कि स्कूलों को फिर से खोलने पर अभिभावकों से सुझाव मांगे जाएंगे, जिनकी जांच करके स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।