शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने खरीदार को फ्लैट का कब्जा देने में लगातार हो रही देरी के कारण रियल एस्टेट कंपनी यूनिटेक लिमिटेड को एक ग्राहक के 4.37 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया है। खरीदार को फ्लैट का कब्जा देने के लिए किए गए वादे को चार साल से अधिक हो गए थे।
उपभोक्ता आयोग ने मकान का कब्जा देने में देरी पर की कार्रवाई
गुरुग्राम निवासी मेजर (सेवानिवृत्त) जयदीप सिंह ने वर्ष 2012 में ही फ्लैट बुक कराया था। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने कंपनी को तीन महीने के अंदर 4 करोड़ 37 लाख 98 हजार 966 रुपये का मूलधन और 25 हजार रुपये का मुआवजा लौटाने का आदेश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस वीके जैन ने कहा, ‘यूनिटेक को शिकायताकर्ता का मूलधन और मुआवजा दोनों लौटाना होगा।’ सिंह ने शिकायत की थी कि उन्होंने गुरुग्राम के सेक्टर 78 में बनने जा रहे कंपनी के प्रोजेक्ट एस्पेस प्रीमियर निरवाना कंट्री-2 में अप्रैल 2012 में एक फ्लैट बुक कराया था। कंपनी ने वादा किया था कि वह 24 महीने यानी अप्रैल 2014 तक फ्लैट का कब्जा दे देगी।
सिंह ने बुकिंग के वक्त 1.05 करोड़ रुपये सीधे तौर पर जमा किए थे और बाकी रकम बैंक के जरिये चुकाई। आयोग का मानना है कि कंपनी निर्धारित तिथि पर इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में असमर्थ रही। कंपनी ने दलील दी कि कुछ ऐसी परिस्थितियों के कारण प्रोजेक्ट का काम रुका रहा जिन पर कंपनी का नियंत्रण नहीं था। आयोग ने कंपनी के सभी दावे खारिज करते हुए खरीदार को रकम वापस करने को कहा।