राज्यों को जैव विविधता को बढ़ाने और वन कार्बन स्टॉक को अधिकतम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा वृक्षरोपण को बढ़ावा देना होगा। इसके लिए क्षतिपूरक वनीकरण प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) फंड का अधिकतम वृक्षारोपण पर खर्च करना होगा।
सोमवार को देश भर के राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में केंद्रीय जलवायु परिवर्तन, वन और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह आग्रह किया।
उन्होंने कहा राज्यों को मिलने वाले सीएएमपीए फंड का 80 फीसदी वनों के विस्तार और उनके संवर्धन के लिए में खर्च करना चाहिए। शेष 20 फीसदी का इस्तेमाल क्षमता निर्माण के लिए किया जाए।
जावड़ेकर ने कहा कि राज्यों को चली आ रही परिपाटी को बदलने की जरूरत है। इस फंड का इस्तेमाल स्टाफ के वेतन, यात्रा के भत्तों का भुगतान, चिकित्सा व्यय आदि के बजाए वनीकरण और वृक्षारोपण के लिए होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, युवाओं को वानिकी से जोड़ने के लिए मंत्रालय स्कूल नर्सरी की योजना को लागू करने जा रहा है। इसका लक्ष्य युवाओं में जंगल और वनों के संरक्षण की भावना को बढ़ावा देना है। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए योजना का आगाज कर दिया गया है।
देश की 13 प्रमुख नदियों की मदद से जैव विविधता को संजोने के लिए किनारों पर जैविक खेती, मिट्टी की नमी को संरक्षित करने के साथ खराब हो रहे जंगलों के इलाकों के लिए विशेष एलआईडीएआर प्रौद्योगिकी आधारित सर्वेक्षण को शुरू करने की पहल की गई है। इसके लिए एक देशव्यापी नेशनल ट्रांजिट पोर्टल भी शुरू किया गया है।