केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
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गंगा नदी में पाई जाने वाली डॉल्फिन के संरक्षण की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘प्रोजेक्ट डॉल्फिन’ 15 दिन में शुरू हो जाएगी। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को यह बात कही। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से अपने भाषण में इस परियोजना का एलान किया था।
जावड़ेकर ने सोमवार को ट्वीट किया, 74वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की घोषणा के अनुरूप देश की नदियों और समुद्रों में डॉल्फिन के संरक्षण और सुरक्षा के लिए 15 दिनों में प्रोजेक्ट डॉल्फिन की शुरुआत की जाएगी।
मोदी ने कहा था, हम नदियों और समुद्रों में रहने वाली दोनों तरह की डॉल्फिन पर ध्यान देंगे। इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। यह पर्यटन के लिए आकर्षण का केंद्र भी होगा। इसलिए हम इस दिशा में आगे बढ़ने जा रहे हैं।
2010 में राष्ट्रीय जलीय जीव प्रजाति घोषित किया गया
गंगा नदी में पाई जाने वाली डॉल्फिन को 2010 में राष्ट्रीय जलीय जीव प्रजाति घोषित किया गया था। गंगा नदी में पाई जाने वाली डॉल्फिन ताजा जल में रहने वाली प्रजाति है जो मुख्यत: गंगा और ब्रह्मपुत्र एवं इनकी सहायक नदियों में पाई जाती है। ये डॉल्फिन भारत, बांग्लादेश और नेपाल में पाई जाती है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत की नदियों में करीब 3700 गंगा नदी डॉल्फिन हैं।