नितिन गडकरी ने कहा कि राजनीति में मतभेद की समस्या नहीं है, बल्कि विचारों का अभाव है। राजनीति का सही अर्थ समाजीकरण, राष्ट्रकरण और विकास है, लेकिन अब, राजनीति की परिभाषा बदल गई है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राजनीति का अर्थ वास्तव में समाज सेवा, राष्ट्र-निर्माण और विकास है। लेकिन वर्तमान समय में राजनीति के मायने बदल गए हैं। अब राजनीति का मतलब केवल सत्ता की राजनीति है।
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राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिनंदन समारोह में नितिन गडकरी ने कहा कि राजनीति में मतभेद की समस्या नहीं है, बल्कि विचारों का अभाव है। राजनीति का सही अर्थ समाजीकरण, राष्ट्रकरण और विकास है, लेकिन अब, राजनीति की परिभाषा बदल गई है। इसे केवल सत्ताकरण (सत्ता की राजनीति) में बदल दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब हम आरएसएस के कार्यकर्ता थे तो हमें काफी बाधाओं का सामना करना पड़ा। तब न तो हमें कोई मानता था और न ही कोई सम्मान था। हरिभाऊ बागड़े ने लोगों के कल्याण के लिए समर्पण के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी कार्यकर्ता के रूप में 20 साल तक विदर्भ में यात्रा की और काम किया। आपातकाल के बाद लोग हमारी रैलियों में पत्थर फेंकते थे, जिस ऑटोरिक्शा का इस्तेमाल मैं घोषणा करने के लिए करता था, उसे लोगों ने आग लगा दी थी।
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केंद्रीय मंत्री बोले कि अब हजारों लोग हमें सुनने आते हैं। यह मेरी लोकप्रियता नहीं है, बल्कि हरिभाऊ बागड़े जैसे कार्यकर्ताओं का काम है। जिन्होंने कड़ी मेहनत की और अपनी जान जोखिम में डाली। इसके बाद पार्टी इस मुकाम पर पहुंची। उन्होंने कहा कि एक अच्छा पार्टी कार्यकर्ता वही होता है जो पार्टी में कुछ न मिलने पर भी अच्छा व्यवहार करता है।
इंडियन रोड कांग्रेस को दी थी नसीहत
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में कहा कि आईआरसी 90 साल पुराना संगठन है, जो बुनियादी ढांचों के निर्माण में तकनीकी मार्गदर्शन देता है। यह संगठन ज्ञान का स्रोत है, लेकिन अब राजनीतिक दल की तरह काम करने लगा है। यह ठीक नहीं है। पुल प्रबंधन को लेकर आयोजित सत्र में गडकरी ने कहा कि कभी-कभी मुझे लगता है आईआरसी एक राजनीतिक दल जैसा काम करता है, जबकि यह पेशेवर संगठन है।