गडकरी ने कहा कि मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि तेज हवाओं के कारण पुल कैसे गिर सकता है? उन्होंने पुल के निर्माण के दौरान गुणवत्ता से समझौता करने की ओर इशारा करते हुए दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि कुछ ना कुछ गलत हुआ होगा, जिसके कारण पुल गिर गया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार में पुल ढहने के मामले में सोमवार को को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह एक आईएएस अधिकारी की प्रतिक्रिया को लेकर हैरानी में हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि एक आईएएस अधिकारी इस तरह के स्पष्टीकरण पर कैसे विश्वास कर सकता है।
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उन्होंने कहा कि मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि तेज हवाओं के कारण पुल कैसे गिर सकता है? उन्होंने पुल के निर्माण के दौरान गुणवत्ता से समझौता करने की ओर इशारा करते हुए दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि कुछ ना कुछ गलत हुआ होगा, जिसके कारण पुल गिर गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने गुणवत्ता से समझौता किए बिना पुलों के निर्माण की लागत को कम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
दरअसल, बिहार के सुल्तानगंज में गंगा पर एक निर्माणाधीन सड़क पुल का एक खंड 29 अप्रैल को आंधी के दौरान गिर गया था। गनीमत की बात यह थी की इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था।
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इस मामले में सुल्तानगंज के विधायक ललित नारायण मंडल ने कहा था कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। यह जांच का विषय है कि 1,710 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा निर्माणाधीन पुल तेज हवाओं का सामना नहीं कर सका। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुल ढहने की जांच के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि बिहार में सुल्तानगंज और अगुआनी घाट के बीच पुल का निर्माण 2014 में शुरू हुआ था। जिसे 2019 तक पूरा हो जाना था, लेकिन इस पर अभी भी काम चल रहा है। इस पुल के बनने से आम जनता को बड़ी राहत होगी। खगड़िया से भागलपुर आने के लिए सिर्फ 30 किलोमीटर का सफर तय करना होगा।