हिमाचल प्रदेश विधानसभा के दरवाजे पर खालिस्तान का झंडा फहराने के बाद सिख फॉर जस्टिस एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस संगठन पर 2019 में केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था। ये संगठन भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहता है और इसी वजह से सुर्खियों में भी रहता है।
गुरपतवंत सिंह पन्नून के खिलाफ केस दर्ज
हिमाचल में विधानसभा के दरवाजे पर खालिस्तानी झंडा फहराने के आरोप में पुलिस ने गुरपतवंत सिंह पन्नून के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पन्नून के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटी प्रोटेक्शन एक्ट (यूएपीए) के तहत केस दर्ज किया गया है। गुरपतवंत सिंह पन्नून ही सिख फॉर जस्टिस का चेहरा है और इस मामले में मुख्य आरोपी भी वही है। पन्नून ने इससे पहले शिमला में 29 अप्रैल को खालिस्तानी झंडा फहराने का एलान किया था।
पन्नून अमेरिका में रहता है और न्यूयॉर्क में वकालत करता है। उसे सिख फॉर जस्टिस का चेहरा माना जाता है। पन्नून कई सारी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। पन्नून ने दो साल पहले 'रेफरेंडम 2020' आयोजित करने की कोशिश की थी, जिसमें उसने दुनियाभर के सिखों से खालिस्तान के समर्थन में वोट देने की अपील की थी।
पन्नून युवाओं को खालिस्तान के लिए भड़काता रहा है। जुलाई 2020 में पन्नून को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पन्नून ने एक बार भारतीय छात्रों को खालिस्तानी झंडा उठाने और खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाने को कहा था और इसके बदले में उन्हें आईफोन 12 मिनी देने का वादा किया था।
सिख फॉर जस्टिस क्या है
खालिस्तान की मांग को लेकर कई संगठन बने हैं और इन्हीं में एक है सिख फॉर जस्टिस। इस संगठन का गठन 2007 में अमेरिका में हुआ था। इसका सारा कामकाज पन्नू ही देखता है। इस संगठन का मकसद पंजाब को देश से अलग कर खालिस्तान बनाने का है। इस संगठन की सांठगांठ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से बताई जाती है।
जुलाई 2019 में केंद्र सरकार ने सिख फॉर जस्टिस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था। तब पाकिस्तान से इसके कनेक्शन की बातें सामने आई थीं।
जुलाई 2019 तक राष्ट्रीय जांच एजेंसी, पंजाब पुलिस और उत्तराखंड पुलिस के सामने 12 आपराधिक मामले दर्ज थे। इन मामलों में 39 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के समय भी सिख फॉर जस्टिस का नाम सामने आया था। एनआई ने दिसंबर 2020 में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं के इस संगठन से कनेक्शन की बात सामने आई थी।