नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने सोमवार को नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विमानन सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही एयर कार्गो संचालन को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि मैंने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) की विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें भारत में विमानन सुरक्षा को मजबूत करने पर बात की गई। सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना स्क्रीनिंग प्रक्रिया को अधिक सहज और प्रौद्योगिकी-संचालित बनाने के प्रयास चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इससे व्यापार करने में आसानी बढ़ेगी और वैश्विक व्यापार-कनेक्टिविटी में भारत की भूमिका में योगदान मिलेगा। उन्होंने बैठक की तस्वीरें भी साझा कीं। नायडू ने कहा कि हमारा लक्ष्य न केवल हवाई अड्डों पर सुरक्षा के उच्चतम स्तर को सुनिश्चित करना है, बल्कि विश्व स्तरीय दक्षता भी सुनिश्चित करना है, जो भारत के बढ़ते यात्री और माल यातायात को सहयोग प्रदान करे।
डीजीसीए ने एआईएसएटीएस को सुरक्षा मंजूरी दी
डीजीसीए ने सोमवार को एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एआईएसएटीएस) को सुरक्षा मंजूरी दे दी। यह मंजूरी पाने वाली देश की पहली ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी बन गयी है। सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (एसएमएस) को मजबूत करने के प्रयासों के तहत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जुलाई में ग्राउंड हैंडलिंग फर्मों को सुरक्षा अनुमोदन प्रदान करने के लिए रूपरेखा प्रस्तुत की। डीजीसीए ने कहा कि एआईएसएटीएस को मंजूरी देने के साथ ही भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मलेशिया के बाद दूसरा देश बन गया है, जिसने आईसीएओ के दिशानिर्देशों के अनुरूप इस तरह के व्यापक ढांचे को लागू किया है।
ग्राउंड हैंडलिंग विमानन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ते यातायात, बड़े विमानों, तेज़ टर्नअराउंड और कई सेवा प्रदाताओं को देखते हुए डीजीसीए ने सभी ऑपरेटरों के लिए सुरक्षा मंजूरी अनिवार्य कर दी है। बयान में आगे कहा गया है कि एआईएसएटीएस को यह मंजूरी उसकी सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली, जोखिम नियंत्रण, रिपोर्टिंग तंत्र, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के गहन मूल्यांकन के बाद मिली है। इससे ग्राउंड हैंडलिंग और एसएमएस कार्यान्वयन पर सीएआर प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन की पुष्टि होती है। डीजीसीए ने बताया कि नई दिल्ली स्थित डीजीसीए मुख्यालय में एआईएसएटीएस को सुरक्षा मंजूरी प्रदान की गई, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।