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BBC ने स्वीकारी भारत में टैक्स चोरी की बात: केंद्रीय मंत्री का तंज- एजेंडा चलाने वालों के नियंत्रण में कंपनी

Wed, 07 Jun 2023 11:07 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर

सार

फरवरी 2023 में आयकर विभाग ने बीबीसी के नई दिल्ली और मुंबई कार्यालयों में टैक्स चोरी के मामले में सर्वे किए थे। उस समय भी अधिकारियों ने कहा था कि बीबीसी की आय और मुनाफे में विसंगति नजर आ रही है। जिस स्तर पर भारत में उसकी इकाइयां काम कर रही हैं, वह बीबीसी के दिए आय के आंकड़ों से मेल नहीं खाती।
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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बीबीसी की ओर से भारत में टैक्स चोरी के आरोपों को स्वीकार करने के बाद केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस विदेशी मीडिया ग्रुप पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर एजेंडा चलाने वाले लोगों के नियंत्रण में है। गौरतलब है कि आयकर विभाग ने फरवरी 2023 में बीबीसी के मुंबई और दिल्ली कार्यालयों पर सर्वे किया था। इसके बाद दुनियाभर के कई मीडिया संस्थानों और पत्रकारों ने प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर भारत पर सवाल उठाए थे। हालांकि, अब बीबीसी की ओर से खुद आरोपों को स्वीकारे जाने के बाद केंद्रीय मंत्री ने मामले में बयान दिया है।

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पढ़िए, जम्मू में क्या बोले हरदीप सिंह पुरी
केंद्रीय मंत्री दो दिन के दौरे पर सोमवार को जम्मू पहुंचे थे। यहां वह अपने मंत्रालय द्वारा किए गए कामों की समीक्षा के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारे यहां के कानून बहुत पारदर्शी है। अगर कोई सरकार को टैक्स नहीं देता तो हम उन्हें नोटिस भेजते हैं तो वह कहते हैं कि यह प्रेस की स्वतंत्रता का मुद्दा है। मैं मामले के विवरण में नहीं जाऊंगा, बस यह बताना चाहता हूं कि अतीत में किए गए कामों के कारण ऐसा लगता है कि वह एजेंडा बनाने वाले कुछ लोगों के नियंत्रण में है। 

इनकम टैक्स ने फरवरी में की थी कार्रवाई 
फरवरी 2023 में आयकर विभाग ने बीबीसी के नई दिल्ली और मुंबई कार्यालयों में टैक्स चोरी के मामले में सर्वे किए थे। उस समय भी अधिकारियों ने कहा था कि बीबीसी की आय और मुनाफे में विसंगति नजर आ रही है। जिस स्तर पर भारत में उसकी इकाइयां काम कर रही हैं, वह बीबीसी के दिए आय के आंकड़ों से मेल नहीं खाती। उस वक्त बीबीसी के महानिदेशक टिम डेवी ने कहा था कि उनकी संस्था किसी एजेंडे से नहीं, उद्देश्य से काम करती है। ब्रिटिश सरकार ने भी बीबीसी का बचाव करते हुए संपादकीय स्वतंत्रता की बात की थी, जिसका भारत सरकार ने काफी कड़ा जवाब दिया था।
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बाद में बीबीसी ने भी मानी गलती
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन पर आरोप है कि उसने भारत में 40 करोड़ रुपये कम आयकर भरा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को भेजे पत्र में यह चोरी स्वीकार कर ली है। पत्र में बीबीसी ने कहा था कि आयकर रिटर्न में उसे जितना कर चुकाना चाहिए था, उसने उससे कम चुकाया है। कहा जा रहा है कि अब बीबीसी को औपचारिक तौर पर संशोधत रिटर्न भरना होगा। बीबीसी से बकाये राशि के साथ-साथ उस राशि का ब्याज और जुर्माना भी वसूला जाएगा। सूत्रों के अनुसार, बोर्ड के दो अधिकारियों ने बीबीसी की इस आयकर चोरी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि देश के कानून सभी के लिए बराबर हैं, इसलिए बीबीसी सहित किसी कंपनी को भी कोई रियायत नहीं दी जाएगी, चाहे वह कंपनी भारतीय हो या विदेशी। बीबीसी को भारत के कानूनों का पालन करना होगा।

डॉक्यूमेंट्री को लेकर बनी थी विवादों की स्थिति
बीबीसी विवादित डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' जारी करने के बाद से ही विवादों के घेरे में आ गई थी। डॉक्यूमेंट्री में भारत की छवि और भारत सरकार के खिलाफ काफी आलोचनाएं की गई थीं। आयकर विभाग के अलावा प्रवर्तन निदेशालय ने भी बीबीसी को समन भेजा था। जनवरी में भारत सरकार ने डॉक्यूमेंट्री शेयर करने वाली तमाम सोशल मीडिया लिकों पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही बीबीसी को भी कई आलोचनाएं सहनी पड़ी थी।

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