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NASVI: हरदीप पुरी बोले- आर्थिक विकास का जरूरी हिस्सा हैं स्ट्रीट वेंडर्स, नए भारत के सपने में उनका भी योगदान

Sat, 23 Jul 2022 10:43 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री (Union Minister Hardeep Puri ) ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर (Street Vendors) शहरी अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में मजबूत संबंधों के साथ भारत की आर्थिक विकास कहानी का एक अनिवार्य हिस्सा रहे हैं और हमेशा रहेंगे। स्ट्रीट वेंडर (Street Vendors) अतिक्रमण करने वाले नहीं हैं, बल्कि स्व-नियोजित रोजगार कर रहे हैं।
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी - फोटो : ANI
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विस्तार
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स्ट्रीट वेंडर (Street Vendors) अतिक्रमण करने वाले नहीं हैं, बल्कि स्व-नियोजित रोजगार कर रहे हैं। वे नवभारत के हमारे सामूहिक सपने के योगदानकर्ता हैं। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Union Minister Hardeep Puri )ने शनिवार को ये बातें राजधानी दिल्ली में भारत के आर्थिक विकास में स्ट्रीट वेंडर्स की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहीं। वे यहां नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) की 16वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।
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अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री (Union Minister Hardeep Puri ) ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर (Street Vendors) शहरी अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में मजबूत संबंधों के साथ भारत की आर्थिक विकास कहानी का एक अनिवार्य हिस्सा रहे हैं और हमेशा रहेंगे। इस दौरान उन्होंने बैठक के विषय 'अतिक्रमणकारियों से स्वरोजगार तक' की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये विषय बहुत उपयुक्त है क्योंकि मोदी सरकार रेहड़ी-पटरी वालों की सराहना करती है।

उन्होंने कहा कि चूंकि देश स्वतंत्रता के 75 वर्ष मना रहा है इसलिए केंद्र ने सभी राज्यों, नगर पालिकाओं और शहरी स्थानीय निकायों को देश भर में रेहड़ी-पटरी वालों की सक्रिय भागीदारी के साथ स्वनिधि महोत्सव मनाने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत रेहड़ी-पटरी वालों की सफलता की कहानियां और भारत के आर्थिक विकास में उनके योगदान को जनता के सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स के सबसे बड़े समर्थक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। 
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मोदी सरकार की स्वनिधि योजना की बात करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी (Union Minister Hardeep Puri) ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रभावित हुए रेहड़ी-पटरी वालों को उनके व्यवसाय को फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए पूंजीगत कार्य ऋण प्रदान किया गया था। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई, 2022 तक 30 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को माइक्रो-क्रेडिट के रूप में 3,661 करोड़ रुपये प्रदान किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि 'स्वनिधि से समृद्धि' का चरण 1 जनवरी 2021 में शुरू किया गया था, जिसके तहत 125 शहरों में 31 लाख स्ट्रीट वेंडर और उनके परिवारों को शामिल किया गया था। पुरी ने आगे कहा कि यह हमारा मंत्र है कि सभी को गरिमा प्रदान की जाए और प्रत्येक व्यक्ति की सेवा और योगदान को उचित रूप से मान्यता दी जाए। उन्होंने कहा कि हमारे समाज के कमजोर और हाशिए के वर्गों, विशेष रूप से शहरों और कस्बों में रहने वाले लोगों को सरकार के नेतृत्व वाली विभिन्न योजनाओं से अत्यधिक लाभ हुआ है।
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