केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के 10 वर्षों में, मनरेगा के लिए बजट अनुमान (बीई) कभी भी 33,000 करोड़ रुपये से अधिक नहीं हुआ और अधिकांश वित्तीय वर्षों में, ग्रामीण रोजगार योजनाओं के खराब कार्यान्वयन के कारण आवंटित धन लौटा दिया गया।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मनरेगा से जुड़े कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के दौरान इस योजना के लिए आवंटन और परिसंपत्ति निर्माण दोनों पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से अधिक है।
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नोएडा में सरस मेला के मौके पर संवाददाताओं से बात करते हुए सिंह ने गांधी के फेसबुक पोस्ट में मनरेगा बजट में कमी संबंधी आरोप को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें बेतुके आरोप लगाने से पहले अपने तथ्यों और आंकड़ों को ठीक करना चाहिए। सिंह ने राहुल को ग्रामीण रोजगार योजना पर बहस की चुनौती भी दी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के 10 वर्षों में, मनरेगा के लिए बजट अनुमान (बीई) कभी भी 33,000 करोड़ रुपये से अधिक नहीं हुआ और अधिकांश वित्तीय वर्षों में, ग्रामीण रोजगार योजनाओं के खराब कार्यान्वयन के कारण आवंटित धन लौटा दिया गया।
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सिंह ने कहा कि दूसरी ओर मई, 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के पदभार संभालने के बाद से हर साल आरई (संशोधित अनुमान) में बीई अधिक हो गया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी 73,000 करोड़ रुपये का बजट अनुमान पहले ही 89,400 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के आंकड़े को छू चुका है।
सिंह ने राहुल को यूपीए शासन के दौरान मनरेगा के तहत हुए परिसंपत्ति निर्माण की जांच करने की चुनौती भी दी, जो उन्होंने कहा, केवल 17 प्रतिशत थी, जबकि मोदी शासन के पिछले 9 वर्षों में, परिसंपत्ति-निर्माण पहले ही 60 प्रतिशत को पार कर चुका है। बता दें कि राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र पर मनरेगा के बजट को कम करने का आरोप लगाया था।