सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद में बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में प्रवासी श्रमिकों के बड़े पैमाने पर पलायन करने की मीडिया रिपोर्ट झूठी हैं। साथ ही राज्यों को सलाह दी कि इस मुद्दे पर अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहें।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में कहा कि कोरोना की तीसरी लहर में पिछले माह राज्यों को स्थानीय पाबंदियां लगाने को मजबूर होना पड़ा, ताकि महामारी के प्रसार को रोका जा सके। कुछ राज्यों को रात और सप्ताहांत कर्फ्यू लगाना पड़ा था। मंत्री ने सदन को बताया कि इस दौरान मुख्य श्रम आयुक्त ने पूरे देश में 21 निगरानी केंद्र सक्रिय कर राज्यों से अफवाह फैलाने वालों से सतर्क रहने को कहा। साथ ही ऐसी किसी अफवाह पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा था। यादव ने कहा कि पलायन से जुड़ी कुछ मीडिया रिपोर्ट असत्य पाई गई और यह भी पता चला कि कुछ रिपोर्ट में पलायन की पुरानी तस्वीर दिखाई गई है।
देश में आज मजबूर नहीं मजबूत प्रधानमंत्री : नकवी
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल गांधी के लोकसभा में भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि आज देश में मजबूर नहीं, मजबूत प्रधानमंत्री है।
नकवी ने कहा कि सात दशकों में देश में बहुत से ऐसे मौके देखें हैं जो सफलता और सफर के थे, लेकिन 2014 के बाद जो बदलाव हुए हैं उस पर बात करूंगा। राहुल का नाम लिए बिना कहा कि आज सनातनी और सामंती भारत की बात होती है, लेकिन हमारा एक भारत, श्रेष्ठ भारत है। देश को समझने और सोचने के लिए इंदिरा इज इंडिया और इंडिया इज इंदिरा, कांग्रेस इज इंडिया और इंडिया इज कांग्रेस की सोच से बाहर निकलना होगा।
उन्होंने कहा कि आठ साल में 28 अहम बदलाव हुए हैं। हिंदुस्तान ने दुनिया में अपनी धाक जमाई है। लोकतंत्र में प्रधानमंत्री पद की गरिमा और सम्मान बहाल हुआ है। उन्होंने कटाक्ष किया कि 2014 से पहले के पीएम को कहीं एक स्थान से ऑर्डर मिलता था। मंत्रिमंडल और सरकार के फैसले को फाड़ दिया जाता था। जबकि आज पीएम मजबूर नहीं मजबूत है।
पीएम नौटंकी में माहिर हैं : दिग्विजय
अभिभाषण पर चर्चा में कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नाटक नौटंकी में माहिर हैं। उनके ऐसा कहने पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। भाजपा सांसद राकेश सिन्हा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को संसदीय लोकतंत्र में विश्वास नहीं है।
दरअसल दिग्विजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस सरकार ने हर लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन किया है। संसद में चुनकर आए तो सदन की सीढ़ियों पर दंडवत हुए, संविधान के आगे नतमस्तक हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को थोड़ी बहुत सलाह हम लोगों की भी माननी चाहिए।
पीएम ने देश को गुमराह किया : रिपुन वोरा
कांग्रेस सांसद रिपुन वोरा ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का नारा देने वाली सरकार को अपने मंत्रियों, न्यायाधीशों और विपक्ष के नेताओं पर ही भरोसा नहीं है। इसीलिए उन पर नजर रखने के लिए पेगासस स्पाईवेयर का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि पेगासस को लेकर दुनिया में देश की बदनामी हुई। वोरा ने कहा कि मोदी सरकार ने एक भी सार्वजनिक उद्यम स्थापित नहीं किया और 13 पीएसयू का विनिवेश कर दिया। जबकि पूर्ववर्ती सरकारों ने नए पीएसयू स्थापित किए थे।
विशेषाधिकार नोटिस पर संचार मंत्री से जवाब लेकर सदन को बताएंगे नायडू
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के खिलाफ राज्यसभा में तीन सांसदों द्वारा दिया गया विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस अभी विचाराधीन है। सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदन को बताया है कि यह नोटिस उनके संज्ञान में है। वह मंत्री से इस मामले में स्पष्टीकरण लेकर सदन को सूचित करेंगे। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, टीएमसी के सुखेंदु शेखर राय और माकपा के बिनोय विश्वम ने बृहस्पतिवार को सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था।
हाल में न्यूयार्क टाइम्स की खबर में दावा किया गया था कि भारत और इस्राइल ने पेगासस स्पाईवेयर को लेकर 2017 में समझौता किया था। पिछले मानसून सत्र में मंत्री ने कहा था कि सत्र शुरू होने से पहले इस खबर का आना कोई इत्तेफाक नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा था कि खबर के दावे का आधार नहीं है। विपक्ष अब केंद्रीय मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगा रहा है।
भारत विरोधी गतिविधियों की चिंता पर कनाडा से बात कर रही सरकार
कनाडा में खालिस्तान समर्थकों का भारत विरोधी गतिविधियां जारी है। केंद्र सरकार ने कहा है कि वह भारत विरोधी भावना भड़काने को लेकर इस चिंता पर कनाडा सरकार से गहन बातचीत कर रही है। विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बताया कि दोनों सरकारों ने संप्रभुता के सम्मान के मूल सिद्धांत का पालन करती हैं। साथ ही भारत और कनाडा द्विपक्षीय संबंधों के आधार पर क्षेत्रीय एकता और अखंडता का सम्मान करते हैं। मंत्री ने कहा कि कनाडा में भारतीय मूल की बड़ी आबादी का भारत के साथ गर्मजोशी से भरा जज्बाती रिश्ता है और वह दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्ते के लिए काम करते हैं। लेकिन खालिस्तान समर्थक एक छोटा समूह भारत विरोधी भावना को भड़का रहा है।