केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता बंदी संजय कुमार ने रविवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि बुर्के में भारत की महिला प्रधानमंत्री का सपना देखने से पहले हिजाब वाली को अपनी पार्टी सुप्रीमो बनाने की हिम्मत दिखाएं।
संजय कुमार के निशाने पर आए ओवैसी
बंदी ने हैदराबाद के सांसद ओवैसी के भारत में एक दिन हिजाब वाली महिला प्रधानमंत्री बनेगी वाले बयान पर एक्स पर उनसे सवाल किया कि पहले वह यह बताए कि असल में एआईएमआईएम ने कितनी मुस्लिम महिलाओं को विधायक या सांसद के तौर पर टिकट दिया है? पार्टी में कितनी मुस्लिम महिलाओं के पास असली फैसले लेने वाले पद हैं? सिर्फ नारों से शून्य प्रतिनिधित्व नहीं छिप सकता।
उन्होंने कहा, 2018 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने पुराने शहर में एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ शहजादी सैयद को मैदान में उतारा था। तब उन्हें धमकी दी गई, निशाना बनाया गया और हराया गया। यह आपका असली चेहरा है। आज, वह राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सेवा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अल्पसंख्यक मोर्चा है और वह महिला नेताओं को तैयार करती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में सवाल किया, एआईएमआईएम के पास बयानबाजी के अलावा क्या है? हम आपका डर समझते हैं। मुस्लिम महिलाएं आपका पाखंड साफ-साफ देख सकती हैं। कई मुस्लिम महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को एक बड़े भाई के रूप में देखती हैं, क्योंकि उन्होंने उनके हितों के लिए काम किया।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असली सशक्तिकरण सुधारों से आता है। इसके लिए उन्होंने तीन तलाक को खत्म करने, मुस्लिम महिलाओं को कानूनी सम्मान और सुरक्षा देने, महिलाओं के नाम पर बैंक खाते, गैस कनेक्शन, शौचालय और आवास देने का उदाहरण दिया। कुमार ने आगे कहा कि भाजपा धर्म की परवाह किए बगैर महिलाओं को सशक्त बनाती है।
बता दें कि 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, क्योंकि देश का संविधान सभी समुदायों के लोगों को समान दर्जा देता है, जैसा कि पाकिस्तान में नहीं है, जहां सिर्फ एक धर्म के लोग ही शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठ सकते हैं।