केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग लिखते हुए कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है। कांग्रेस ने कर्नाटक और मध्यप्रदेश में आयकर विभाग के छापों को लेकर कहा था कि चुनाव के समय में इस तरीके से सरकार कार्यकर्ताओं के बीच में डर का माहौल पैदा करना चाहती है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ईडी और आईटी का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया है।
जेटली ने कहा है कि कर्नाटक और मध्यप्रदेश में छापे से सार्वजनिक धन की निकासी हो रही है। उन्होंने लिखा है, "कर्नाटक के संबंध में कुछ साक्ष्य सामने आए हैं, लोक निर्माण विभाग को सार्वजनिक कल्याण के काम के लिए जो धन आवंटित किया गया था, उसका इंजीनियरों ने राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया है।
मध्यप्रदेश में एक इंस्टीट्यूशनल मकैनिजम (संस्थागत तरीके से) तैयार किया गया था। जहां विकास और गरीब तबके के लिए आवंटित किए गए धन का राजनीति में इस्तेमाल होता था।"
जेटली ने आगे कहा है, "इन्होंने उन्हें भी नहीं छोड़ा जो बेसहारा हैं। यह भारतीय राजनीति का पाखंड है। इस तरह से अन्याय करने के बाद उनके पास न्याय की बात करने का साहस है।"
जेटली ने ये बात कांग्रेस के उस वादे पर कही है, जिसमें कांग्रेस ने कहा था कि अगर उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव जीतती है, तो हर गरीब परिवार के खाते में सालाना 72 हजार रुपये आएंगे। कांग्रेस का कहना है कि इस न्यूयनतम आय योजना का लाभ देश के गरीब परिवारों के 25 करोड़ लोगों को मिलेगा।
कर्नाटक और मध्यप्रदेश जहां छापे मारे गए हैं, दोनों जगह कांग्रेस की सरकार सत्ता में है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों के यहां छापे मारे गए हैं। वहीं कर्नाटक में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के कैबिनेट मंत्री के यहां छापा मारा गया था।
जेटली ने अपने ब्लॉग में कहा है, "भ्रष्टाचार के खिलाफ जो भी कार्रवाई की जाती है, उसे राजनीतिक प्रतिशोध बताना एक आदत बन गई है। प्रतिशोध का दावा करना भ्रष्टाचार में कभी भी ठीक बचाव नहीं होगा।"