राहुल गांधी के लिए अमेठी से ये चौथा नामांकन था। लेकिन शायद सबसे खास भी। 2019 का चुनाव 2014 का चुनाव नहीं है। वैसे सच पूछिए तो कोई भी दो चुनाव एक से होते भी नहीं। नामांकन से पहले राहुल ने जो रोड शो किया, वो एक खुले ट्रक के जरिए था। और जो तस्वीर बनी, वो पिछले कई सालों में पहली बार देखी गई।
बीच में राहुल गांधी, उनके बायीं ओर बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और भांजी मिराया। दायीं ओर भांजा रेहान और बहनोई रॉबर्ट वाड्रा। भांजी मिराया सफेद सूट में और भांजा रेहान सफेद कुर्ते-पायजामे में, साथ में नेहरू जैकेट।
जहां राहुल, प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा हाथ हिलाकर भीड़ का अभिवादन कर रहे थे, वहीं रेहान और मिराया थोड़े माहौल को समझने की कोशिश कर रहे थे। राजनीति के रिफ्रेशर कोर्स की शुरुआत इसी तरह की रैलियों और रोड शो से होती है। उन जगहों पर भी जहां राजनीति घुट्टी में मिलती हो।
ये पहली बार है कि अमेठी में नामांकन से पहले इस तरह प्रियंका गांधी के दोनों बच्चे रोड शो में शामिल हुए हों। ये राजनीतिक विरासत के सफर को अगले पड़ाव तक पहुंचाने जैसा है। ये जताने का तरीका है कि अगली पीढ़ी मशाल थामने को तैयार हो रही है। भीड़ में जब किसी ने ट्रक की तरफ तस्बीह उछाली तो प्रियंका ने उसे रेहान को पहना दिया।
प्रियंका के बेटे रेहान इस लोकसभा चुनाव में पहली बार वोट डालेंगे। वो 19 साल के हो गए हैं। वहीं बेटी मिराया को मताधिकार के इस्तेमाल के लिए कुछ इंतजार करना होगा। वो भाई से दो साल छोटी हैं।
पहले भी अमेठी आते रहे हैं रेहान-मिराया
प्रियंका, रेहान और मिराया को लेकर पहले भी अमेठी-रायबरेली के दौरों पर जाती रही हैं। पारिवारिक सियासी जमीन और लोगों से रूबरू कराने के लिए अक्सर दिग्गज राजनेता अपने बच्चों को इस तरह चुनावी क्षेत्रों में ले जाते हैं। फिर ये तो गांधी परिवार का गढ़ है। रेहान, अमेठी में रात्रि प्रवास भी कर चुके हैं।
अमेठी में एक बार फिर राहुल का मुकाबला भाजपा की स्मृति ईरानी से है। जिस तरह से 2014 में स्मृति ने राहुल के लिए कुछ दिक्कत पैदा की थी, उसे देखते हुए 2019 का रण बेहद दिलचस्प रहने वाला है।