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संसद में शाह: नगालैंड मामले की एक महीने में जांच पूरी करेगी एसआईटी, कहा- सेना ने ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया

Mon, 06 Dec 2021 03:44 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में नगालैंड में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में नागरिकों की मौत के मामले पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों में प्रतिबंध लागू किए हैं। भारत सरकार मृतकों के परिवार के प्रति अपनी संवेदना जाहिर करती है।
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नगालैंड का पूरा घटनाक्रम - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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नगालैंड में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कई नागरिकों की मौत की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में बात की। शाह ने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और एक महीने में जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्री ने कहा कि जांच उच्चतम स्तर पर की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। मैंने नगालैंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है।

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अमित शाह ने सुरक्षा बलों का बचाव करते हुए कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवानों को गोली चलानी पड़ी थी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को संभालने की कोशिश की है। राज्य के डीजीपी और कमिश्नर ने भी इलाके का दौरा किया है। शाह ने कहा कि सभी एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना न हो। इलाके में शांति के लिए आवश्यकतानुसार उपाय भी किए जा रहे हैं। 

वाहन को रुकने का इशारा किया पर नहीं रुका तो जवानों ने चलाईं गोलियां

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि सेना को मोन के ओटिंग में उग्रवादियों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। इस पर 21 कमांडो ने संदिग्ध इलाके में घात लगाई थी। एक वाहन वहां पहुंचा था, जिसे रुकने का इशारा किया गया लेकिन वह नहीं रुका। इस संदेह पर कि उग्रवादी हो सकते हैं, जवानों ने गोलियां चलाईं। शाह ने कहा कि वाहन में मौजूद आठ में से छह लोगों की मौत हो गई। घायल हुए दो लोगों को सेना के ही जवान पास के स्वास्थ्य केंद्र ले गए।

ग्रामीणों ने किया जवानों पर हमला तो आत्मरक्षा में फिर करनी पड़ी कार्रवाई

उन्होंने आगे कहा कि इस घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने सेना की इकाई को घेर लिया। ग्रामीणों ने दो वाहनों को आग लगा दी और जवानों पर हमला कर दिया। इस दौरान हमारे एक जवान की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस पर आत्मरक्षा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवानों को गोलियां चलानी पड़ीं। इस दौरान गोलीबारी में सात और नागरिकों की जान चली गई और कुछ अन्य घायल हो गए।

पांच दिसंबर को असम रायफल्स की गोलीबारी में एक और नागरिक की मौत

शाह ने कहा कि इस घटना के बाद पांच दिसंबर की शाम को लगभग 250 लोगों की आक्रोशित भीड़ ने असम रायफल्स के मोन शहर में स्थित कंपनी ऑपरेटिंग बेस (सीओबी) में तोड़-फोड़ कर दी और सीओबी की इमारत को आग लगा दी। असम रायफल्स को भीड़ के तितर-बितर करने के लिए गोलीबारी करनी पड़ी और इसमें एक और नागरिक की जान चली गई। उन्होंने आगे कहा कि प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी गई है।

सेना ने जताई संवेदना, उच्चतम स्तर पर हो रही जांच, दोषियों पर गिरेगी गाज

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सेना के तीसरे कोर मुख्यालय की ओर से एक बयान जारी किया गया है और इन दुर्भाग्यपूर्ण हादसों को लेकर संवेदना जताई है। सेना इस मामले की उच्चत्तम स्तर पर जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मैंने इस घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की थी। गृह मंत्रालय ने भी मुख्य सचिव और डीजीपी से संपर्क किया है।
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उत्तर-पूर्व के प्रभारी अतिरिक्त सचिव की संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि कल स्थिति की समीक्षा की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तुरंत उत्तर-पूर्व के प्रभारी अतिरिक्त सचिव को कोहिमा के लिए रवाना कर दिया था जहां उन्होंने मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारियों और पैरामिलिट्री बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है। इस बैठक में स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
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