केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने नॉर्थ ब्लॉक कार्यालय में जम्मू-कश्मीर पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, सेना प्रमुख मनोज पांडे, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के प्रमुख सामंत गोयल, सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह, बीएसएफ प्रमुख पंकज सिंह और एनआईए के महानिदेशक दिनकर गुप्ता शामिल हुए।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों पर हमले, घुसपैठ की कोशिशों और केंद्र शासित प्रदेश में हत्याओं के मद्देनजर यह सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
गृह मंत्री शाह ने कोविड-19 के चलते दो साल के बाद होने वाली अमरनाथ यात्रा के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की सराहना की। बैठक में यूएपीए के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। इसमें जांच समय पर पूर्ण करने की रूपरेखा को और ठोस रूप दिया गया।
शाह ने कहा कि एक बार सीमा पार से आतंकवादियों, हथियारों औरा गोला-बारूद के आने का सिलसिला खत्म हो जाए तो लोग छद्म युद्ध के खिलाफ खुद ही जीत हासिल कर ल्रेंगे। उन्होंने कहा कि अवाम की भलाई के लिए जरूरी है कि आतंकवाद-अलगाववाद को समर्थन देने वाले पारस्थितिकीय तंत्र पर गहरी चोट की जाए।