गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के विकास पर गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, मुख्य सचिव, थल सेना प्रमुख, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में शुरू की गई विकास योजनाओं के साथ-साथ वहां की सुरक्षा स्थिति की भी समीक्षा की। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा सहित जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शाह ने केंद्रशासित प्रदेश में शुरू की गई विकास पहलों में हुयी प्रगति का भी जायजा लिया।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाएं 2018 में 417 से घटकर 2021 में 229 हो गईं। सुरक्षा बलों के शहीद हुए जवानों की संख्या 2018 में 91 से घटकर 2021 में 42 हो गई है। सीमा पार से शून्य घुसपैठ सुनिश्चित करने और आतंकवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत किया जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में फिलहाल केंद्रीय शासन है। पांच अगस्त 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द किए जाने के बाद तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था।