केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऑक्सीजन की कमी होने वाले दावे को खारिज किया है। मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई है कि देश में भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है और इसकी कमी जैसी कोई बात नहीं है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस बात की जानकारी दी।
राजेश भूषण ने बताया कि देश में ऑक्सीजन का उत्पादन 6,900 मीट्रिक टन हो रहा है, जबकि इसकी जरुरत मात्र 2,800 मीट्रिक टन है। इसके अलावा उद्योगों में भी 2,200 मीट्रिक टन का ही इस्तेमाल किया जाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस हिसाब से देश में 1,900 मीट्रिक टन ऑक्सीजन अतिरिक्त उत्पादित की जा रही है।
राजेश भूषण ने जानकारी दी कि कोरोना वायरस के इलाज की प्रक्रिया में ऑक्सीजन सिलेंडर सबसे महत्वपूर्ण कारक है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि ऑक्सीजन को लेकर परेशानी तब होती है, जब इस सुविधा के सूचीबद्ध तरीके से प्रबंधन नहीं किया जाता।
उन्होंने बताया कि ये राज्य की जिम्मेदारी है कि वो इस बात को सुनिश्चित करें कि उनके राज्य में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए जरुरत के मुताबिक ऑक्सीजन रहे और उसका सही प्रबंधन भी हो।
देश में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है, कोविड-19 संक्रमितों की संख्या 50 लाख के पार चली गई है। मंगलवार को कोरोना के 90,417 नए मामले सामने आए। इसके अलावा देश में एक दिन में कोरोना से 1,282 लोगों ने दम तोड़ा है, जिसके बाद देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 81,989 हो गई है।
हालांकि सबसे राहत की बात यह है कि देश में इस बीमारी से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या काफी ज्यादा है। मंंगलवार को देश में एक दिन में 80,000 से ज्यादा मरीज ठीक हुए हैं। मंगलवार तक ये आंकड़ा बढ़कर 39 लाख 26 हजार के पार पहुंच गया, जो कि बुधवार को 40 लाख के पार हो सकता है। देश में रिकवरी रेट 78.42 फीसदी है।