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मंडाविया का एलान: इलाज के लिए भारत आने वालों को वन स्टेप पोर्टल से मिलेगी जानकारी, दूतावासों में बनाए जाएंगे सुविधा केंद्र

Thu, 12 May 2022 04:04 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विदेशों से जो लोग इलाज के लिए भारत आना चाहते हैं उन लोगों की सुविधा और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए एक 'वन स्टेप' पोर्टल स्थापित किया जाएगा। 
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मनसुख मंडाविया - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारत में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को एक सुझाव दिया है। उन्होंने दुनियाभर में भारतीय दूतावासों में उन लोगों के लिए सुविधा केंद्र बनाने की बात कही है, जो इलाज के लिए भारत आना चाहते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि इन लोगों को वन स्टेप पोर्टल से इलाज के बारे में सारी जानकारी मिलेगी।

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'ब्रांड इंडिया का निर्माण' को लेकर वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विदेशों से जो लोग इलाज के लिए भारत आना चाहते हैं उन लोगों की सुविधा और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करने के लिए एक 'वन स्टेप' पोर्टल स्थापित किया जाएगा। मंडाविया ने आगे कहा कि भारत, अपने उच्च स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र और विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के साथ पूरी दुनिया के लिए एक आकर्षण बन गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज दुनिया के विभिन्न देशों से लोग बड़ी संख्या में इलाज के लिए भारत आ रहे हैं। चिकित्सा पर्यटन को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने पीएम के नेतृत्व में 'हील इन इंडिया' कार्यक्रम शुरू किया है। इसी तरह हमने 'हील बाई इंडिया' कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह हमारे चिकित्सा कर्मचारियों को दुनिया भर में यात्रा करने और एक स्वस्थ वैश्विक समाज की दिशा में योगदान करने का अवसर प्रदान करेगा।
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उन्होंने कहा कि हम अपने पारंपरिक चिकित्सा उद्योग को और मजबूत करके और 'हील इन इंडिया' और 'हील बाई इंडिया' पहल को बढ़ावा देकर भारत को वैश्विक चिकित्सा मूल्य केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपने संबोधन के दौरान मंडाविया ने चिकित्सा पर्यटन को और मजबूत करने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। 

भारतीय दूतावासों में सुविधा केंद्र बनाने के साथ ही केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने सुझाव दिया कि इसके अलावा भारत में इलाज करा रहे लोगों से फीडबैक या प्रशंसापत्र प्राप्त करने के लिए एक प्रणाली स्थापित की जा सकती है। इससे हमें मेडिकल टूरिज्म को 'ब्रांड इंडिया' बनाने में मदद मिलेगी।

चिकित्सा क्षेत्र में अन्य देशों के साथ समझौते करने पर जोर देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत का जापान के साथ कुशल नर्स उपलब्ध कराने का समझौता है। कुशल चिकित्सा जनशक्ति के लिए अन्य देशों के साथ भी इस तरह के समझौते किए गए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा मूल्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की संभावनाओं का पता लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की चिकित्सा ने बहुत लोकप्रियता हासिल की है और भारत अब एशिया में सबसे तेजी से बढ़ते चिकित्सा पर्यटन केंद्रों में से एक है।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने दवाओं की पारंपरिक प्रणाली के महत्व पर भी प्रकाश डाला। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने खुद को आयुष के केंद्र बिंदु के रूप में स्थापित किया है। हाल ही में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आयुष चिह्न' लॉन्च करने की घोषणा की है। यह भारत में आयुष उत्पादों को प्रामाणिकता प्रदान करेगा और पारंपरिक चिकित्सा उद्योग को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद पद्धति से इलाज कराने के लिए भारत आने वाले 165 देशों के लोगों के लिए एक विशेष वीजा कैटेगिरी बनाई गई है।

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