केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बिहार की एक 15 साल की लड़की की तारीफ करके हुए सभी से उसके बारे में जानने ओर प्रेरणा लेने की अपील की है। दरअसल, 15 साल की ये लड़की बिहार में हाल ही में सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। हादसे के बाद उसका इलाज किया जा रहा था, लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। लेकिन मौत के बाद भी उसके अंगों से छह लोगों को नई जिंदगी मिली है। इस लड़की की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सराहना की है। साथ ही ABVIMS और डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों को सफल हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए बधाई दी है।
मनसुख मंडाविया ने की सराहना
मनसुख मंडाविया ने इसे लेकर ट्वीट किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि ‘मैं 15 साल की डोनर के बारे में जानकर बहुत उत्साहित हूं, जिसने अपनी मौत के बाद 6 लोगों को जिदंगी दी है। 32 साल की लक्ष्मी देवी को इस लड़की का दिल मिला है। आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों ने सफल हार्ट ट्रांसप्लांट किया। इसके लिए डॉक्टरों को बधाई।’
उन्होंने आगे लिखा कि 'अंगदान सबसे अनमोल जीवन रक्षक उपहार है। निस्वार्थता, उदारता और करुणा का यह महान कार्य प्रेरणादायक है। यह कई लोगों को आगे आने और अंगदान के मानवीय कारण को मजबूत करने और किसी के दिल की धड़कन का कारण बनने के लिए प्रेरित करेगा।'
स्वतंत्रता दिवस के दिन हुआ था एक्सीडेंट
जानकारी के मुताबिक, लड़की का नाम बसु है जोकि बिहार के लखीसराय की रहने वाली थी। स्वतंत्रता दिवस के दिन वह सड़क हादसे का शिकार हो गई थी। चंडीगढ़ के अस्पताल में इलाज के लिए उसे ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे। बसु का ब्रेन डेड होने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि ब्रेन डेड होने पर भी डॉक्टरों ने उसके शरीर के बाकी अंगों को वेंटिलेटर की मदद से चलाए रखा। इसके बाद अब उसके शरीर के छह अंगो से छह अलग-अलग लोगों को नई जिंदगी दी गई है।
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों भी मिलेंगी आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य सेवाएं
वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को एक एमओयू की तारीफ की है। इस एमओयू पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग ने आपसी सहमति से हस्ताक्षर किए हैं। इसके मुताबिक, अब आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सारी स्वास्थ्य सेवाएं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी मिल सकेंगीं। मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसकी तारीफ करते हुए कहा कि यह एमओयू ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को उचित और सम्मानजनक स्थान सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
आयुष्मान कार्डों पर राज्य की योजनाओं के नाम भी होंगे शामिल
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि आयुष्मान कार्डों को राज्य के लोगो और राज्य-विशिष्ट स्वास्थ्य योजनाओं के नामों के साथ-साथ केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य योजना के साथ सह-ब्रांड किया जाएगा। दिल्ली, पश्चिम बंगाल और ओडिशा को छोड़कर अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कार्डों की सह-ब्रांडिंग के लिए सहमति दे दी है। अब इनका नाम 'आयुष्मान कार्ड' कर दिया जाएगा।