ऑपरेशन सिंदूर में सैन्य पराक्रम और शौर्य की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नया भारत अब लंबी लड़ाई नहीं लड़ता, महज 22 मिनट में युद्ध के मैदान में दुश्मनों को पराजित करता है। मंत्रिपरिषद की बुधवार को करीब पांच घंटे चली बैठक में उन्होंने मंत्रियों को जन-आकांक्षाओं के प्रति आगाह किया।
पीएम मोदी ने कहा, सरकार के 11 साल के नतीजों ने लोगों की अपेक्षाएं बढ़ा दी हैं। नए भारत में अब जनता न सिर्फ परिणाम चाहती है, बल्कि देश में व्यापक बदलाव लाने के लिए भागीदारी भी चाहती है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सैन्य कार्रवाई की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा, सेना की कार्रवाई के बाद पंजाब के सरहदी इलाकों के लोगों में नकारात्मक भाव आया। दरअसल उनके मन में पूर्व के युद्धों की याद ताजा थी, जब सड़कों पर टैंक दौड़ते थे, पूरा सीमावर्ती इलाका छावनी बन जाता था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद लोगों ने नए भारत का स्वरूप देखा। उन्होंने महसूस किया कि अब युद्ध का तरीका बदल गया है। बदले हालात में हमारी सेना ने जिस शौर्य का परिचय दिया, उस पर देश को नाज है। बैठक में कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन ने सरकार के 11 साल की उपलब्धियों और तीसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियों पर प्रस्तुतियां दीं।
...इसलिए बढ़ गई अपेक्षा
पीएम ने कहा, पहले लोगों को सरकार से अपेक्षा नहीं होती थी। एक दशक में बेहतर काम से बदली तस्वीर ने लोगों की अपेक्षा बढ़ा दी। हमने जितना काम किया, जैसे परिणाम दिए, उससे उम्मीदें और बढ़ गईं। देश 2047 तक विकसित राष्ट्र के लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए बेकरार है। लोग विकसित व नए भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी भी सुनिश्चित करना चाहते हैं।
चिट्ठियों को गंभीरता से लें
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से लोगों के पत्रों को बेहद गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। कहा, ये पत्र लोगों की हमसे अपेक्षा का प्रतीक हैं। पत्र में व्यक्त समस्याओं का हर हाल में बेहतर समाधान किया जाना चाहिए। साइबर सुरक्षा पर उन्होंने कहा, यह किसी एक मंत्रालय की जिम्मेदारी नहीं है, सभी मंत्रालयों को जिम्मेदारी उठानी होगी। एआई से जुड़े नए इनिशिएटिव लेने होंगे।
ये भी पढ़ें:- सफलता: स्वदेशी कार टी-सेल थेरेपी बनी जीवनरक्षक, ल्यूकोमिया-ट्यूमर में आईआईटी-TMH को मिली बड़ी कामयाबी
मंत्रालयों की उपलब्धियां भी साझा
इस बैठक में केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों की चुनिंदा और बड़ी उपलब्धियों की जानकारी भी दी गई। कहा गया कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ के अवसर पर, जो कि 9 जून से शुरू होगी, ये सफलताएँ जनता तक पहुंचाई जाएंगी।
ये भी पढ़ें:- अध्ययन: करोड़ों साल पहले धरती की करवट ने रचा जीवन का अध्याय, एशिया-अफ्रीका पुल ने शुरू किया जीवन का नया दौर
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बैठक
यह बैठक ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली मंत्री परिषद की बैठक थी। इसमें बंगलूरू भगदड़ हादसे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी दी गई। इस हादसे में 11 लोगों की मौत और 33 लोग घायल हुए हैं, जिसे लेकर सरकार ने संवेदना व्यक्त की। यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी की तीसरी बार सरकार बनने के बाद की रणनीतिक दिशा और प्राथमिकताओं को दर्शाती है, जिसमें रक्षा आत्मनिर्भरता, तेज विकास और जनसंपर्क को खास महत्व दिया गया है।