देश के विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 1,74,207 करोड़ रुपये के पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में जयपुर मेट्रो फेज-2, किसानों के लिए खाद सब्सिडी, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी और अरुणाचल प्रदेश के दो बड़े हाइड्रो की परियोजनाएं भी शामिल हैं।
खाद सब्सिडी (खरीफ 2026)
सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए 41,534 करोड़ रुपये की न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को मंजूरी दी है। यह सब्सिडी फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर दी जाएगी, जिसमें डीएपी और एनपीके जैसे खाद शामिल हैं। इसका मकसद किसानों को सस्ती कीमत पर खाद उपलब्ध कराना है, ताकि खेती की लागत कम हो सके।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इस योजना के तहत कंपनियों को सब्सिडी दी जाएगी, जिससे किसान को सीधे सस्ता खाद मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे खेती को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन में सुधार होगा।
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी देश के सबसे बड़े ऊर्जा परियोजना में से एक है। इसकी लागत बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये कर दी गई है। यह परियोजना राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रहा है और इसमें पेट्रोल, डीजल के साथ कई पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे।
इस रिफाइनरी से देश की आयात पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इसके साथ ही करीब 25 हजार लोगों को रोजगार मिला है और आगे भी रोजगार के मौके बनेंगे। यह परियोजना 2026 में शुरू होने की उम्मीद है और इससे औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (1720 मेगावाट)
कमला हाइड्रो परियोजना अरुणाचल प्रदेश में बनाई जाएगी और इसकी क्षमता 1720 मेगावाट होगी। इस पर 26,070 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह परियोजना बिजली उत्पादन के साथ-साथ बाढ़ नियंत्रण और राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलित करने में भी मदद करेगी।
इस परियोजना से राज्य को 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली मिलेगी और स्थानीय विकास के लिए अलग फंड भी मिलेगा। इसके तहत सड़क, पुल, अस्पताल और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे इलाके का विकास तेज होगा और लोगों को रोजगार मिलेगा।
कलाई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (1200 मेगावाट)
कलाई-II हाइड्रो अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 1200 मेगावाट होगी और इस पर 14,106 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह लोहित नदी पर बनने वाली पहली बड़ी परियोजना है, जिससे बिजली उत्पादन बढ़ेगा और राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी।
इस परियोजना से सड़क, पुल और ट्रांसमिशन लाइन जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार और मुआवजा मिलेगा। राज्य को मुफ्त बिजली का हिस्सा भी मिलेगा, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।