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Cabinet Decisions: जयपुर मेट्रो फेज-2 से लेकर खाद सब्सिडी तक, कैबिनेट ने इन पांच बड़े फैसलों को दी मंजूरी

Wed, 08 Apr 2026 04:42 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने 1.74 लाख करोड़ रुपये के पांच बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। इसमें जयपुर मेट्रो, किसानों के लिए खाद सब्सिडी, एचपीसीएल रिफाइनरी और दो हाइड्रो परियोजना शामिल हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि किस परियोजना के लिए सरकार ने कितना पैसा लगाया  है। साथ ही ये भी समझेंगे कि ये कितनी अहम हैं।
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सरकार के पांच फैसले - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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देश के विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 1,74,207 करोड़ रुपये के पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में जयपुर मेट्रो फेज-2, किसानों के लिए खाद सब्सिडी, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी और अरुणाचल प्रदेश के दो बड़े हाइड्रो की परियोजनाएं भी शामिल हैं। 

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सरकार ने जयपुर मेट्रो फेज-2 को 13,038 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी है। यह 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा जिसमें 36 स्टेशन बनेंगे और यह प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक जाएगा। वहीं, खरीफ 2026 के लिए 41,534 करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी भी मंजूर की गई है। इससे किसानों को डीएपी और अन्य उर्वरक सस्ती कीमत पर मिलेंगे और खेती की लागत कम होगी। आइए, सरकार द्वारा सभी लिए गए फैसलों पर नजर डालते हैं। और आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं। 

जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना
जयपुर मेट्रो फेज-2 शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह बदलने वाली परियोजना मानी जा रही है। यह 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर होगा, जो प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक जाएगा। इस रूट में 36 स्टेशन होंगे और यह शहर के बड़े इलाकों जैसे एयरपोर्ट, सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टोंक रोड और एसएमएस अस्पताल को जोड़ेगा। इससे लोगों को तेज, सस्ता और आसान सफर मिलेगा।
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इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और प्रदूषण भी घटेगा। अभी मेट्रो के पहले चरण में रोज करीब 60 हजार लोग सफर करते हैं, लेकिन फेज-2 आने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। यह परियोजना 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इससे जयपुर को आधुनिक शहर बनाने में मदद मिलेगी।

 

  • 41 किमी लंबा मेट्रो कॉरिडोर
  • 36 स्टेशन और बड़े इलाकों से कनेक्टिविटी
  • ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी
  • रोजाना यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी
  • 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य


खाद सब्सिडी (खरीफ 2026)
सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए 41,534 करोड़ रुपये की न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को मंजूरी दी है। यह सब्सिडी फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर दी जाएगी, जिसमें डीएपी और एनपीके जैसे खाद शामिल हैं। इसका मकसद किसानों को सस्ती कीमत पर खाद उपलब्ध कराना है, ताकि खेती की लागत कम हो सके।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इस योजना के तहत कंपनियों को सब्सिडी दी जाएगी, जिससे किसान को सीधे सस्ता खाद मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे खेती को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन में सुधार होगा।

  • 41,534 करोड़ रुपये की सब्सिडी
  • डीएपी और एनपीके जैसे खाद शामिल
  • किसानों को सस्ती दर पर उर्वरक
  • खेती की लागत में कमी
  • उत्पादन बढ़ाने में मदद




एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी देश के सबसे बड़े ऊर्जा परियोजना में से एक है। इसकी लागत बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये कर दी गई है। यह परियोजना राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में बन रहा है और इसमें पेट्रोल, डीजल के साथ कई पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे।

इस रिफाइनरी से देश की आयात पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इसके साथ ही करीब 25 हजार लोगों को रोजगार मिला है और आगे भी रोजगार के मौके बनेंगे। यह परियोजना 2026 में शुरू होने की उम्मीद है और इससे औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • 79,459 करोड़ रुपये की लागत
  • पेट्रोल, डीजल और पेट्रोकेमिकल उत्पादन
  • 25 हजार लोगों को रोजगार
  • आयात पर निर्भरता में कमी
  • 2026 से संचालन की योजना


कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (1720 मेगावाट)
कमला हाइड्रो परियोजना अरुणाचल प्रदेश में बनाई जाएगी और इसकी क्षमता 1720 मेगावाट होगी। इस पर 26,070 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह परियोजना बिजली उत्पादन के साथ-साथ बाढ़ नियंत्रण और राष्ट्रीय ग्रिड को संतुलित करने में भी मदद करेगी।

इस परियोजना से राज्य को 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली मिलेगी और स्थानीय विकास के लिए अलग फंड भी मिलेगा। इसके तहत सड़क, पुल, अस्पताल और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे इलाके का विकास तेज होगा और लोगों को रोजगार मिलेगा।

  • 1720 मेगावाट बिजली उत्पादन
  • 26,070 करोड़ रुपये का निवेश
  • बाढ़ नियंत्रण में मदद
  • 12% मुफ्त बिजली राज्य को
  • स्थानीय विकास और रोजगार


कलाई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (1200 मेगावाट)
कलाई-II हाइड्रो अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 1200 मेगावाट होगी और इस पर 14,106 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह लोहित नदी पर बनने वाली पहली बड़ी परियोजना है, जिससे बिजली उत्पादन बढ़ेगा और राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी।

इस परियोजना से सड़क, पुल और ट्रांसमिशन लाइन जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार और मुआवजा मिलेगा। राज्य को मुफ्त बिजली का हिस्सा भी मिलेगा, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

  • 1200 मेगावाट बिजली उत्पादन
  • 14,106 करोड़ रुपये का निवेश
  • लोहित नदी पर पहली बड़ी परियोजना
  • स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
  • रोजगार और आर्थिक फायदा
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