वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में रेलवे को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। वित्त मंत्री ने इस बार भी निजी भागीदारी से रेलवे को रफ्तार देने पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, रेलवे की कमाई कम है और खर्च ज्यादा है। इसलिए रेलवे की जमीन का इस्तेमाल कर पटरियों के किनारे मेगा सोलर पावर ग्रिड बनाया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा, सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत 150 ट्रेनों को चलाया जाएगा। निजी भागीदारी को आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही निजी क्षेत्र की मदद से चार स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। वित्त मंत्री ने प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच तेजस एक्सप्रेस जैसी और ट्रेनें चलाने का एलान किया। अभी नई दिल्ली-लखनऊ और मुंबई-अहमदबाद के बीच तेजस एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है।
550 स्टेशनों पर वाईफाई
सीतारमण ने कहा, सरकार के 100 दिन पूरे होने के अंदर ही 550 स्टेशनों पर वाईफाई सुविधा दी गई है। सरकार ने 27 हजार किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया है और देश में मानव रहित क्रासिंग खत्म हो चुकी है।
मेट्रो की तर्ज पर बंगलूरू सबअर्बन ट्रांसपोर्ट परियोजना
बजट में बंगलूरू में मेट्रो की तर्ज पर 148 किलोमीटर लंबी सबअर्बन ट्रांसपोर्ट परियोजना बनाने का एलान किया गया। इस पर 18,600 करोड़ रुपये की लागत आएगी। केंद्र सरकार 20 फीसदी सहायता देगी, वहीं 60 फीसदी हिस्सेदारी विदेशी सहायता से पूरा किया जाएगा।
क्या है पीपीपी मॉडल
सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत सरकार निजी कंपनियों के साथ अपनी परियोजनाओं को अंजाम देती है। देश के कई हाईवे इसी मॉडल पर बने हैं। यह एक ऐसा करार है, जिसके द्वारा किसी जन सेवा या बुनियादी ढांचे के विकास के लिए धन की व्यवस्था की जाती है।
इसमें सरकारी और निजी संस्थान मिलकर अपने अनुभवों का प्रयोग करते हैं और पहले से निर्धारित लक्ष्य पर काम करते हैं और उस हासिल करते हैं। पीपीपी की जरूरत इसलिए पड़ती है, क्योंकि सरकार के पास इतना धन नहीं होता है, जिससे वह हजारों करोड़ रुपयों की घोषणाओं को पूरा कर सके। ऐसी स्थिति में सरकार प्राइवेट कंपनियों के साथ करार कर लेती है और इन परियोजनाओं को पूरा करती है।