जाने माने अर्थशास्त्री और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बहुत संयमित रहते हैं। संभलकर मुंह खोलते हैं। बहुत कम और बेहद नपे-तुले शब्दों में बोलते हैं। मनमोहन सिंह ने आम बजट 2018-19 पर भी अपनी संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट की शब्दावली पर अपनी चिंता जाहिर की।
पूर्व प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी मूल चिंता इस देश में आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने को लेकर है। बजट 2018-19 में इसके संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बजट में किसानों के लिए की गई घोषणा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने फिस्कल डेफिसिट (बजटीय घाटे) को लेकर भी चिंता जाहिर की। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में 50 प्रतिशत की घोषणा की है, लेकिन इसके बजटीय प्रावधान को लेकर आम बजट में कुछ नहीं बताया। इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है।
मनमोहन सिंह से कुछ और मुद्दों पर सवाल हुए लेकिन वह बिना कुछ कहे आगे बढ़ गए। यह पूछे जाने पर कि क्या यह चुनाव पूर्व का बजट है तो उन्होंने इसे लेकर भी बेहद सधी प्रतिक्रिया दी। सिंह ने कहा कि न तो यह राजनीतिक बजट है और न ही चुनाव पूर्व बजट।