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किसान आंदोलन : कृषि मंत्री का विपक्ष पर हमला, कहा- जमीनी आधार खो चुके लोग करते हैं कंधों की तलाश

Fri, 25 Dec 2020 06:13 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Narendra Singh Tomar - फोटो : एएनआई
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केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसान एक माह से धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों की मांग है कि सरकार इन कृषि कानूनों को निरस्त करे। किसान आंदोलन को कांग्रेस और आप समेत कई राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला हुआ है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इन राजनीतिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जो जमीनी आधार खो चुके हैं, इसलिए समय-समय पर वे कंधों की तलाश करते हैं और आज किसान आंदोलन से किसान के कंधों पर अपनी वैचारिक बंदूक चलाकर अपना हित साधना चाहते हैं। किसानों के हमदर्द बन उनको गुमराह करने का पाप करने वालों को जनता जवाब देगी।

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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार को छोड़ पूरे देश की सरकारें पीएम किसान सम्मान निधि में शामिल हुई हैं। पश्चिम बंगाल में करीब 70 लाख पात्र हितग्राही हैं, अगर ये लोग इस योजना में शामिल होते हैं, तो पश्चिम बंगाल के किसानों को वर्ष में 4,200 करोड़ रुपये मिलेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अभी पश्चिम बंगाल के किसान इससे वंचित हैं। मैंने पूर्व में भी और हाल में भी पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आग्रह किया है कि वो इस योजना में जल्दी शामिल हों।

कई राज्य के किसान आए समर्थन 
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा, ''मुझे उम्मीद है कि किसानों और सरकार के बीच अगली बैठक में एक समाधान निकाला जाएगा। कई राज्यों के किसान भी नए कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं और प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र भेज रहे हैं।''
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रक्षा मंत्री ने किसानों को दिया आश्वासन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली के द्वारका में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह स्वयं किसान के बेटे हैं। खुले मंच से किसानों को आश्वासन देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार कभी ऐसा कुछ नहीं करेगी, जो किसानों के हित में नहीं हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ये कानून लाभकारी नहीं लगते, तो सरकार सभी जरूरी संशोधन इनमें लाएगी।

गोयल बोले- किसानों के पास तर्क है, तो वार्ता के लिए आगे आएं 
किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि दिल्ली के बॉर्डर पर जो लोग बैठे हैं, उनमें कई लोगों को गलतफहमियां हैं और वो लगभग किसान एक ही क्षेत्र से आते हैं। देश में दो बार उन्होंने भारत बंद का एलान किया लेकिन वो सफल नहीं हुआ। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों के पास कोई तर्क नहीं है इसलिए वो चर्चा से भाग रहे हैं।

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