केंद्र सरकार ने शुक्रवार को यह बैठक स्वतंत्रता की 75 वीं सालगिरह के मौके पर अगले साल 15 अगस्त को दार्शनिक और क्रांतिकारी नेता महर्षि अरविंद की जयंती मनाने के तरीकों पर चर्चा करने के बुलाई है।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख व बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि वह केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होंगी। ममता बनर्जी ने बताया कि पिछली बैठक में उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया था, इसलिए वह इस बैठक में नहीं आएंगी।
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केंद्र सरकार ने शुक्रवार को यह बैठक स्वतंत्रता की 75 वीं सालगिरह के मौके पर अगले साल 15 अगस्त को दार्शनिक और क्रांतिकारी नेता महर्षि अरविंद की जयंती मनाने के तरीकों पर चर्चा करने के बुलाई है। ऐसा प्रतीत होता है कि ममता बनर्जी ने यह निर्णय एक दिन पहले मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी की वर्चुअल मीटिंग में उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिलने के कारण लिया।
कोलकाता में सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों व प्रसिद्ध लोगों की एक बैठक में ममता बनर्जी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोहों को लेकर वह पीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में अपने राय रखतीं, यदि मुझे बोलने का अवसर दिया जाता।
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बंगाल की सीएम ने कहा, 'हर चीज का राजनीतिकरण सही नहीं है। मैं कल की बैठक में शामिल नहीं होउंगी, क्योंकि हमने महर्षि अरविंद की जयंती को लेकर कई कार्यक्रमों की रूपरेखा बना ली है।' इसके साथ ही ममता बनर्जी ने राज्य के मुख्य सचिव एचके द्विवेदी को कहा कि वे केंद्र को पत्र लिख दें कि हम बैठक में भाग नहीं लेंगे।
बैठक में मौजूद ख्यात पेंटर जोगेन चौधरी ने पीएम के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री बनर्जी के साथ किए गए बर्ताव को लेकर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह बंगाल का अपमान है, जिसने आजादी के आंदोलन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कवि जय गोस्वामी ने भी इसी तरह की भावनाएं प्रकट कीं।