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देश के एक लाख गांवों में मिल रहा है नल से जल, 23 महीनों में 4.49 करोड़ घरों में लगे कनेक्शन

Wed, 14 Jul 2021 06:14 PM IST
Harendra Chaudhary राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, जब जल जीवन मिशन की घोषणा हुई थी, तब देश के कुल 19.20 करोड़ ग्रामीण आवासों में से 3.23 करोड़ (17 फीसदी) में नल से जल की सुविधा उपलब्ध थी। वर्तमान में 7,72,41,758 (40.77 फीसदी) ग्रामीण आवासों तक नल से जल पहुंच रहा है...
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नल से पानी से भरतीं महिलाएं (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जल जीवन मिशन ने एक और मील का पत्थर पार कर लिया है। अब देश के 1,00,275 गांवों और 50,309 पंचायतों में प्रत्येक परिवार को नल से जल मिल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत मात्र 23 महीनों में 4,48,78,920 (23.69 फीसदी) ग्रामीण घरों तक शुद्ध जल पहुंचाया जा चुका है।

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15 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी ग्रामीण घरों में नल से शुद्ध जल पहुंचाने के लिए ‘जल जीवन मिशन’ की घोषणा की थी। राज्यों के सहयोग से चलाई जा रही 3.6 लाख करोड़ रुपये की इस योजना का उद्देश्य साल 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यात्मक घरेलू नल जल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान करना है। खासकर ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं के जीवन-स्तर में सुधार लाना है।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, जब जल जीवन मिशन की घोषणा हुई थी, तब देश के कुल 19.20 करोड़ ग्रामीण आवासों में से 3.23 करोड़ (17 फीसदी) में नल से जल की सुविधा उपलब्ध थी। वर्तमान में 7,72,41,758 (40.77 फीसदी) ग्रामीण आवासों तक नल से जल पहुंच रहा है।
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उन्होंने बताया कि समानता और समग्रता के सिद्धांत पर आधारित जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल के जरिए पीने का पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। कोई भी इसमें छूट ना जाए, इस आधार पर इसे क्रियान्वित किया जा रहा है।

कोरोना काल में नहीं रुके कदम

कोरोना महामारी के बावजूद जल जीवन मिशन का कार्य युद्धस्तर पर जारी रहा। शेखावत आगे कहते हैं कि कोरोना काल में रोजाना दो लाख से अधिक कनेक्शन दिए गए। आज गोवा, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पुदुचेरी में हर ग्रामीण घर में नल से जल की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। हरियाणा, बिहार, आंध्र प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों में तेजी से कार्य चल रहा है।

शेखावत के अनुसार हमारी प्राथमिकता में जल गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्र, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अधिकांश गांव, आकांक्षी जिले, सूखे के संभावित गांव, रेगिस्तानी क्षेत्रों और गुणवत्ता प्रभावित इलाके हैं। फ्लोराइड और आर्सेनिक से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में काम हो रहा है।

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