कोरोना महामारी के मद्देनजर लगाए गए प्रतिबंधों में धीरे-धीरे हटने के बाद दुष्कर्म व यौन उत्पीड़न की घटनाओं में इजाफे की आशंका जताते हुए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने साझा मंच से दुष्कर्म के खिलाफ और फोरेंसिक डीएनए तकनीक के जरिये जल्द न्याय दिलाने में नागरिकों की भूमिका को लेकर जागरूक करने के लिए सक्रिय उपाय करने का आह्वान किया है।
दुनिया भर में लड़कियों के अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद करने वाली संयुक्त राष्ट्र फाउंडेशन की मुहिम ‘गर्ल अप’ ने इस पहल का समर्थन किया है।फोरम के सदस्यों ने इस मुद्दे पर लोगों को जागरूकता की जरूरत को रेखांकित किया। गर्ल अप इंडिया की प्रबंधक अदिति अरोड़ा ने कहा, महिलाओं व लड़कियों के खिलाफ हिंसा एक वैश्विक समस्या है।
तीन में हर एक महिला को इससे गुजरना पड़ता है। हालिया रिपोर्ट दिखाती हैं कि लॉकडाउन में ढील के साथ ही महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं। इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ा है। हमें इसे रोकना होगा। इसके लिए लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है।