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Russia-Ukraine War: रूस से जंग के बीच यूक्रेनी सुरक्षा प्रमुख की भारत यात्रा, जयशंकर-अजीत डोभाल से की मुलाकात

Sat, 18 Apr 2026 01:44 AM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चार साल से ज्यादा चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध की आग अब भी जारी है, भले ही दुनिया की सुर्खियां कुछ बदल सी गई हों। इसी बीच यूक्रेन के सुरक्षा प्रमुख रुस्तम उमेरोव भारत पहुंचे और उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर व एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। बातचीत में युद्ध की स्थिति, फ्रंटलाइन हालात और शांति की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।

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यूक्रेन के सुरक्षा प्रमुख रुस्तम उमेरोव ने जयशंकर और अजीत डोभाल से मुलाकात की - फोटो : एक्स@MEAIndia
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विस्तार
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चार साल से भी ज्यादा समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध अब भले ही वैश्विक सुर्खियों से कुछ पीछे चला गया हो, लेकिन इसकी आग आज भी यूक्रेन की धरती को झुलसा रही है और मोर्चों पर हालात लगातार विस्फोटक बने हुए हैं। दुनिया के कई अन्य संघर्षों के बीच यह जंग धीरे-धीरे शोर से बाहर जरूर हुई है, लेकिन उसका असर और तबाही जस की तस बनी हुई है। इसी बीच बड़ा कूटनीतिक कदम सामने आया है, जब यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव भारत पहुंचे। 

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अपने भारत दौरे पर उमेरोव ने देश के शीर्ष सुरक्षा व विदेश नीति नेतृत्व से उच्चस्तरीय और निर्णायक बैठकें कीं। यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच शांति और रणनीति की नई तलाश का संकेत मानी जा रही है।

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समझिए उमेरोव ने किन-किन नेताओं से की मुलाकात
अपने भारत दौरे के दौरान यूक्रेन के सुरक्षा प्रमुख रुस्तम उमेरोव ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से अलग-अलग बैठकें कीं। इन बैठकों में मुख्य रूप से यूक्रेन युद्ध और शांति की संभावनाओं पर चर्चा हुई। यूक्रेन पक्ष ने भारत को युद्ध के मौजूदा हालात, मोर्चे (फ्रंटलाइन) की स्थिति और चल रही बातचीत की जानकारी दी। यूक्रेन ने यह भी कहा कि वह एक न्यायपूर्ण, स्थायी और लंबे समय तक चलने वाली शांति चाहता है।

अब भारत का रुख भी समझिए
दुनियाभर में जैसा की भारत हमेशा से ही शांति का पक्षधर रहा है। इस बैठक के बाद भी जारी बयान में भारत सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि उसका रुख हमेशा से यही रहा है कि इस युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति (डिप्लोमेसी) के जरिए ही होना चाहिए। सरकार ने दोहराया कि भारत किसी भी विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का समर्थन करता है।
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दोनों देशों के बीच सहयोग
बता दें कि बैठकों में सिर्फ युद्ध ही नहीं, बल्कि भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर भी बात हुई। दोनों पक्षों ने पहले हुए समझौतों को लागू करने पर भी चर्चा की, जो 2024 में कीव में हुई बातचीत के बाद तय हुए थे। यूक्रेनी अधिकारी ने कहा कि बातचीत खुली और सार्थक रही और भारत के साथ सहयोग आगे बढ़ाने की उम्मीद है। कुल मिलाकर इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत एक ऐसा देश है जो लगातार शांति और संवाद की वकालत करता रहा है। यह बातचीत भविष्य में कूटनीतिक प्रयासों को और आगे बढ़ाने का संकेत देती है।

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