भारत के दो दिवसीय दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन गुजरात दौरे के बाद गुरुवार रात नई दिल्ली पहुंचे। नई दिल्ली एयरपोर्ट पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने उनकी अगवानी की। आज बोरिस जॉनसन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अहम बैठक होगी।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने जहांगीरपुरी मामले पर कहा- हमेशा मुश्किल मुद्दे उठाते हैं
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने गुरुवार को इस बात के संकेत दिए कि जब वह शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे तो वह ‘‘मुश्किल मुद्दे’’ उठाएंगे। माना जा रहा है कि मुश्किल मुद्दों से उनका इशारा उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में भाजपा शासित उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) द्वारा "अतिक्रमण विरोधी" अभियान के हिस्से के तौर पर कुछ संपत्तियों के विवादास्पद विध्वंस की ओर भी है।
जॉनसन गुजरात के हलोल औद्योगिक क्षेत्र में ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय कंपनी जेसीबी द्वारा बनाई गई एक नई बुलडोजर फैक्टरी की यात्रा के दौरान ब्रिटेन के मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘ हम हमेशा मुश्किल मुद्दे उठाते हैं....।’’
ब्रिटेन से मुक्त व्यापार करार इसी साल, भारतीयों को ज्यादा वीजा देने को तैयार
बोरिस जॉनसन दो दिवसीय भारत दौरे के पहले दिन गुरुवार को गुजरात के अहमदाबाद पहुंचे थे। इस राज्य से अपनी यात्रा की शुरुआत करने वाले वह पहले ब्रिटिश पीएम हैं।
इस दौरान दोनों देशों के बीच सॉफ्टवेयर से लेकर स्वास्थ्य समेत कई क्षेत्रों में एक अरब पाउंड (9927.47 करोड़) के निवेश और निर्यात का करार हो सकता है। दोनों देशों के बीच कारोबारी सहयोग बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल स्टार्टअप, डिजिटल हेल्थ समेत कई क्षेत्रों में सहयोग के लिए संयुक्त फंड बनाने की भी घोषणा की जा सकती है।
साथ ही दोनों देशों के बीच इस साल के अंत तक एक और मुक्त व्यापार समझौते के पूरे होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। इसका इशारा खुद ब्रिटिश पीएम जॉनसन ने किया। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि वह भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने के लिए भारतीयों को ज्यादा वीजा जारी करने की सुविधा देने के लिए तैयार हैं। यदि ऐसा होता है तो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में सालाना आधार पर अरबों पाउंड की बढ़ोतरी हो सकती है।
सुरक्षा और रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ करने का अवसर
जॉनसन ने यूक्रेन में जारी संघर्ष के चलते विदेशों पर ऑयल और गैस की निर्भरता को कम की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विदेशी हाइड्रोकार्बन पर निर्भरता को भी खत्म किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहनों और अपतटीय हवाओं पर साझेदारी बनाने पर काम कर सकते हैं। हमारे लिए सुरक्षा और रक्षा साझेदारी को प्रगाढ़ करने का भी अवसर है।
ब्रिटेन में 11000 नौकरियों का खुलेगा रास्ता
जॉनसन के भारत पहुंचने से पहले ब्रिटिश उच्चायोग ने कहा कि पीएम जॉनसन अपने दौरे के दौरान कई व्यापारिक समझौतों का एलान करेंगे। वह द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों में ‘नए युग’ की शुरुआत करेंगे। उच्चायोग ने कहा कि ब्रिटिश और भारतीय कारोबारी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्रों में एक अरब पाउंड के नए निवेश और निर्यात समझौतों की पुष्टि करेंगे। इससे ब्रिटेन में 11,000 नौकरियां पैदा होंगी।
साझेदार आगामी सालों में होगी और मजबूत
जॉनसन के हवाले से उच्चायोग ने कहा कि वह विस्तृत संभावनाओं को देख रहे हैं जिन्हें दोनों देश मिलकर हासिल कर सकते हैं। अगली पीढ़ी के 5जी टेलीकॉम और आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस से लेकर स्वास्थ्य शोध और अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्र हैं, जिनमें ब्रिटेन और भारत दुनिया में अग्रणी देश हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मजबूत साझेदारी दोनों देशों के लोगों के लिए नौकरी, विकास और अवसर प्रदान कर रही है। यह आगामी सालों में और मजबूत होती जाएगी।
साबरमती आश्रम पहुंचने वाले पहले ब्रिटिश पीएम
साबरमती आश्रम का दौरा करने वाले जॉनसन पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने यहां महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और चरखा चलाकर सूत काता। विजिटर बुक में उन्होंने लिखा कि "इस असाधारण शख्स के आश्रम में आना और यह समझना कि कैसे उन्होंने दुनिया को बदलकर बेहतर बनाने के लिए सत्य और अहिंसा के सरल सिद्धांतों को अपनाया, बहुत बड़ा सौभाग्य है।"
गौतम अडाणी से की मुलाकात
ब्रिटिश पीएम ने उद्योगपति और अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी से भी मुलाकात की। अडाणी ने ट्वीट किया, "जॉनसन की अडाणी मुख्यालय में मेजबानी कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। अक्षय ऊर्जा, हरित एच2 और न्यू एनर्जी पर ध्यान देने के एजेंडे का समर्थन करने की प्रसन्नता है।"