कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों के बीच चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) शुक्रवार को सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर प्रस्तावित बैठक केवल गांधी परिवार और पीके के बीच होगी। सूत्रों के मुताबिक पीके ने इससे पहले 600 स्लाइड की प्रस्तुति दी है, लेकिन किसी ने पूरा प्रजेंटेशन नहीं देखा है। पीके के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर सोनिया के साथ बैठक में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के भी शामिल रहने की संभावना है। इस बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुलाकात की।
कांग्रेस से मुलाकातों का दौर
बता दें कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की ओर से कांग्रेस में नई जान फूंकने के लिए पेश की गई रणनीति पर पार्टी के भीतर गहन मंथन का दौर जारी है। इसी क्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने किशोर के साथ चर्चा की है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, के सी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य नेता मौजूद थे।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान भी किशोर के विषय पर चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का यह समूह किशोर की रणनीति को लेकर चर्चा कर रहा है और कुछ दिनों के भीतर सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
पिछले चार दिनों के भीतर प्रशांत किशोर मंगलवार को तीसरी बार सोनिया गांधी के आवास पर पहुंचे थे। उन्होंने सोमवार को भी सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इससे पहले किशोर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर शनिवार को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के समक्ष पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई और अगले लोकसभा चुनाव की रणनीति का खाका पेश किया था।
प्रशांत किशोर ने दिए कांग्रेस को अहम सुझाव
सूत्रों ने बताया कि किशोर ने सुझाव दिया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा जैसे कुछ राज्यों में कांग्रेस को नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी चाहिए और इन प्रदेशों में गठबंधन से परहेज करना चाहिए। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, अपनी प्रस्तुति में प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि कांग्रेस को लगभग 370 लोकसभा सीट पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु में गठबंधन के साथ चुनावी मैदान में उतरना चाहिए।
सचिन पायलट ने दिया बड़ा बयान
दिल्ली में कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में दो साल पहले एआईसीसी की बनाई कमेटी ने कई कदम उठाए हैं, उसी दिशा में आगे काम करना है ताकि राज्य में 2023 में होने वाले चुनाव में हम फिर सरकार बना सकें। इसी संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष से बात हुई। उन्होंने बताया कि भाजपा महंगाई, बेराजगारी और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान मोड़ने के लिए बुलडोजर की राजनीति कर रही है। यह सब क़ानून और संविधान का उल्लंघन है