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UK: भारतीय मिशन पर किसी तरह का हमला 'पूरी तरह से अस्वीकार्य', खालिस्तानी धमकियों के बीच ब्रिटेन ने की घोषणा

Thu, 06 Jul 2023 03:37 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, लंदन।

सार

ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने कहा, लंदन में भारतीय उच्चायोग पर कोई भी सीधा हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, हमने विक्रम दोराईस्वामी और भारत सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि उच्चायोग में कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
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लंदन में स्थित भारतीय उच्चायोग। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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सोशल मीडिया चैनलों पर उभर रहे खालिस्तानी चरमपंथियों के भारत विरोधी हमलों के बीच ब्रिटेन सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि लंदन में भारतीय उच्चायोग पर कोई भी सीधा हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली (James Cleverly) ने ट्विटर पर घोषणा की कि देश में भारत के राजनयिक मिशन के कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

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विदेश मंत्री का हस्तक्षेप अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में भारतीय राजनयिक मिशनों पर लक्षित धमकियों और हमलों और ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी (Vikram Doraiswami) और बर्मिंघम में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. शशांक विक्रम की तस्वीरों के साथ ऑनलाइन सामने आने वाले कुछ धमकी भरे पोस्टरों के बाद आया है।

क्लेवरली ने कहा, लंदन में भारतीय उच्चायोग पर कोई भी सीधा हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, हमने विक्रम दोराईस्वामी और भारत सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि उच्चायोग में कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। मार्च में खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा उच्चायोग की इमारत को निशाना बनाए जाने के बाद से मध्य लंदन में इंडिया हाउस में मेट्रोपॉलिटन पुलिस की तैनाती की गई है। खालिस्तानी चरमपंथियों ने मार्च में भारतीय तिरंगे को उखाड़ने की कोशिश की थी और खिड़कियों को तोड़ दिया था।
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क्लेवरली ने जवाब देते हुए कहा कि ब्रिटिश सरकार भारतीय उच्चायोग में सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ काम करेगी और उसके कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बदलाव करेगी। इस सप्ताह क्लेवरली का ताजा बयान भारतीय दूतों और वरिष्ठ राजनयिकों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा धमकी दिए जाने के बाद आया है। 

सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संवाददाताओं से कहा था कि कट्टरपंथी, चरमपंथी खालिस्तानी विचारधारा भारत या उसके सहयोगी देशों जैसे अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छी नहीं है। जब उनसे इन देशों में सामने आ रहे धमकी भरे पोस्टरों और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास को आगजनी के लिए निशाना बनाए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हम पहले ही अपने साथी देशों जैसे कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया से अनुरोध कर चुके हैं कि वे खालिस्तानियों को जगह न दें, जहां कभी-कभी खालिस्तानी गतिविधियां होती हैं। क्योंकि उनकी कट्टरपंथी, अतिवादी सोच न तो हमारे लिए अच्छी है, न उनके लिए और न ही हमारे संबंधों के लिए।

इससे पहले मार्च में भारतीय उच्चायोग के ऊपर लहरा रहे तिरंगे को प्रदर्शनकारियों ने खालिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए नुकसान पहुंचाया था। 19 मार्च की घटना के बाद भारत ने अपने राजनयिक मिशन की सुरक्षा को लेकर ब्रिटिश सरकार के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया और परिसर में पर्याप्त सुरक्षा की कमी पर सवाल उठाया था।

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