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महाराष्ट्र: सीएम ठाकरे ने एआईएमआईएम के गठबंधन के प्रस्ताव को किया खारिज, बोले- यह हमें बदनाम करने की साजिश

Sun, 20 Mar 2022 10:05 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

राउत के मुताबिक, उद्धव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिवसेना नेताओं से उन लोगों से दूर रहने को कहा है, जो पार्टी द्वारा प्रचारित हिंदुत्व पर संदेह कर रहे हैं।
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उद्धव ठाकरे। (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना को एक 'हिंदुत्ववादी' पार्टी करार दिया। उन्होंने रविवार को एआईएमआईएम के गठबंधन के प्रस्ताव को भी खारिज करते हुए इसे शिवसेना और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को बदनाम करने की साजिश बताया। शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने यहां पार्टी सांसदों और पदाधिकारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए हिंदुत्व और अन्य मुद्दों पर पूर्व सहयोगी भाजपा पर निशाना साधा।

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उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम के साथ गठबंधन की मांग किसने की है? यह भाजपा का गेम प्लान है। यह उनकी साजिश का हिस्सा है। एआईएमआईएम और भाजपा के बीच एक मौन समझौता है। शिवसेना के हिंदुत्व पर सवाल उठाने के लिए भाजपा ने एआईएमआईएम को शिवसेना को बदनाम करने का आदेश दिया।

इससे पहले शनिवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद इम्तियाज जलील ने यह कहते हुए हलचल मचा दी थी कि उनकी पार्टी शिवसेना के नेतृत्व वाले एमवीए के साथ गठबंधन कर सकती है। इस पर एनसीपी और कांग्रेस ने कहा था कि एआईएमआईएम को यह साबित करना होगा कि वह समान विचारधारा वाली पार्टी थी, न कि भाजपा की बी-टीम।
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वहीं, राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि शिवसेना 22 मार्च से महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों के 19 जिलों में 'शिव संपर्क मुहिम' कार्यक्रम शुरू करेगी। इसका मकसद है कि भाजपा के भ्रम से लोगों को रूबरू कराया जाए। राउत के मुताबिक, उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना कभी भी एआईएमआईएम के साथ हाथ नहीं मिलाएगी। उनकी पार्टी औरंगजेब की कब्र के सामने झुकने वालों के साथ कभी नहीं जुड़ी और न कभी उनसे जुड़ेगी।

राउत के मुताबिक, उद्धव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिवसेना नेताओं से उन लोगों से दूर रहने को कहा है, जो पार्टी द्वारा प्रचारित हिंदुत्व पर संदेह कर रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को एआईएमआईएम के गठबंधन की पेशकश का जवाब देते हुए शिवसेना को जनब सेना करार दिया था। इसका जवाब देते हुए ठाकरे ने कहा कि शिवसेना हमेशा मानती है कि हिंदुत्व राजनीति से ऊपर है। क्या जनाब सेना? शिवसेना एक कट्टर हिंदुत्ववादी संगठन है। हिंदुत्ववादी थी और रहेगी। उन्होंने कहा कि शिवसेना के हिंदुत्व में मिलावट नहीं है। भाजपा ने तो जम्मू-कश्मीर में (2015 में) पाकिस्तान समर्थक और अलगाववादी पीडीपी के साथ सरकार बनाई थी।

राउत के मुताबिक, उद्धव ने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि यह एक क्रांतिकारी गठबंधन (पीडीपी-भाजपा के बीच) था जिसने देश को एक नई दिशा दी। अब, हम लोगों को बताएंगे कि असली जनाब सेना कौन है। बैठक में ठाकरे ने याद किया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि जो लोग मुसलमानों के खिलाफ कदम उठाते हैं वे सच्चे हिंदुत्ववादी नहीं हैं और उन्हें हिंदू नहीं कहा जा सकता।

राउत के मुताबिक, उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर एमवीए द्वारा भेजे गए 12 नामों को राज्यपाल के कोटे से एमएलसी के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी में देरी करके लोकतंत्र की हत्या करने का भी आरोप लगाया।

पवार ने भी किया खारिज
इस बीच एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने के लिए इच्छुक नहीं है। जलील के गठबंधन के सुझाव को शिवसेना पहले ही खारिज कर चुकी है। पवार ने पुणे जिले के बारामती में कहा कि मैं जलील के बयान के बारे में पढ़ रहा हूं, लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह हमारी पार्टी एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने के बारे में नहीं सोच रही है।

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