फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'उद्धव ठाकरे की 2 कंपनियों में लगा है छगन भुजबल का पैसा'

Tue, 14 Feb 2017 08:39 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के बीच भाजपा और शिवसेना में शुरू घमासान अब तेज हो गया है। सोमवार को भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की सात कंपनियों से आर्थिक संबंध है जिसमें दो कंपनियों में आय से अधिक संपत्ति और मनीलॉड्रिंग के आरोप में जेल में बंद महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने भी निवेश किया है। सोमैया ने शिवसेना अध्यक्ष ठाकरे को चुनौती दी कि वह अपनी संपत्ति घोषित करें या उन्होंनेे जिन कंपनियों से उनके संबंध जाहिर किए हैं उसके बारे में स्पष्टीकरण दें। 
विज्ञापन


सोमैया ने कहा है कि उद्धव ठाकरे की सात कंपनियों में दो कंपनियों पर सेबी ने पाबंदी लगाई है जबकि दो कंपनियों में भुजबल के पैसा लगा है। उन्होंने कहा कि उद्धव की सात कंपनियों में जगमंद्री फिनवेस्ट प्राईवेट लिमिटेड, किम इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जेपीके ट्रेडिंग (इंडिया) लिमिटेड, लेक्सस इंफोटेक लिमिटेड, रीगल गोल्ड ट्रेडिंग कंपनी प्राईवेट लिमिटेड, वैनगार्ड ज्वेल्स लिमिटेड और एस वी ज्वेल्स लिमिटेड कंपनी शामिल हैं। 

वैनगार्ड ज्वेल्स लि. और रीगल गोल्ड ट्रेडिंग कंपनी प्रा.लि. में भुजबल ने भी निवेश किया है जबकि लेक्सस इंफोटेक लि. और एसवी ज्वेल्स लिमिटेड कंपनी को सेबी ने प्रतिबंधित कर दिया है। शिवसेना-भाजपा के बीच पारदर्शिता को लेकर छिड़ी जंग के बीच सोमैया ने कहा है कि इन कंपनियों से उद्धव का क्या नाता है। इसका जवाब जनता को दें। इससे पता चल जाएगा कि कौन बेनामी कारोबार करता है और कौन मनीलॉड्रिंग में शामिल है। इसका खुलासा हो जाएगा।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

मोदी से क्यों खफा हैं उद्धव

फाइल फोटो - फोटो : getty images
केंद्र और महाराष्ट्र की सत्ता में सहभागी शिवसेना आखिर भाजपा से क्यों खफा है। सोमवार को किरीट सोमैया ने इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा है कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फर्जी कंपनियों विरोध में टास्क फोर्स गठित किया है। इसलिए उद्धव ठाकरे आए दिन पीएम मोदी के खिलाफ हमलावर हैं। इस बीच सोमवार को एक बार फिर शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला कि वे दूसरों के बाथरूम में झांकना बंद करें। 

पार्टी के मुखपत्र में ‘बाथरूम छाप राजनीति टाला जाना चाहिए’ शीर्षक के तहत की संपादकीय में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के ऊपर राज्यसभा में ‘रेनकोट’ वाले बयान को निशाना बनाया गया है। मुखपत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए। बाथरूम में झुककर देखना किसी को भी शोभा नहीं देता। यह टाला जाना चाहिए। यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी नेताओं की कुंडलियां निकालने के बयान पर भी पीएम मोदी पर कटाक्ष किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें