कानून का पालन करवाने वाली एजेंसी के अधिकारियों को शामिल किए बिना टीवी चैनलों द्वारा सरकारी नौकरों पर किए जाने वाले स्टिंग ऑपरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर मसला बताया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस संबंध में रेगुलशन (नियामक) जरूरी है।
न्यायूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने कहा है कि सभी स्टिंग ऑपरेशनों को रेगुलेट करने की जरूरत है। पीठ ने माना कि सरकारी नौकरों का पर्दाफाश करने के लिए टीवी चैनलों द्वारा किए जाने वाले स्टिंग ऑपरेशनों में कानून पालन करवाने वाली एजेंसी के अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी एक टीवी चैनल के निदेशक और उसके दो रिपोर्टरों के खिलाफ आरोप तय करने के बंगलूरू कोर्ट के एक आदेश के फैसले को खारिज करने से इनकार करते हुए की है। मामले के मुताबिक, दो रिपोर्टरों ने खुद को लंदन की एक कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार को कुछ पैसे देने की कोशिश की थी। मंत्री को उन रिपोर्टरों पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने उन दोनों को पुलिस के हाथों गिरफ्तार करवाया था।