फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली नहीं, गुजरात में होगा 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह: उद्धव ने सरकार पर साधा निशाना; क्या कहा?

Wed, 09 Sep 2026 01:28 AM IST
निर्मल कांत पीटीआई, मुंबई।

सार

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से गुजरात के केवड़िया ले जाने पर सियासत गरमा गई है। उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाए, तो संजय राउत ने कलाकारों से समारोह के बहिष्कार की अपील की। पुरस्कार समारोह का स्थान बदलने पर इतना विवाद क्यों हुआ? पढ़िए रिपोर्ट
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे, प्रमुख, शिवसेना यूबीटी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से गुजरात के केवड़िया ले जाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उद्धव ने आरोप लगाया कि केंद्र गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच 'दीवार खड़ी' करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, पार्टी सांसद संजय राउत ने कार्यक्रम के बहिष्कार की अपील की।
विज्ञापन


शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से गुजरात के केवड़िया ले जाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उद्धव ने आरोप लगाया कि केंद्र गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच 'दीवार खड़ी' करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, पार्टी सांसद संजय राउत ने कार्यक्रम के बहिष्कार की अपील की।

उद्धव ठाकरे ने क्या सवाल उठाया?
मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने पूछा कि ऐसे कार्यक्रम मुंबई, कोलकाता, बंगलूरू और दूसरे राज्यों की राजधानियों में क्यों नहीं हो सकते? उन्होंने कहा कि गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच दीवार बनाने की कोशिश की जा रही है। ऐसा क्यों किया जा रहा है, इसका जवाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मांगा जाना चाहिए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: आरोपपत्र में अमेरिकी नागरिक पर यूएपीए नहीं: कांग्रेस ने सरकार को घेरा; पूछा- अमेरिका के दबाव में लिया फैसला?

संजय राउत ने क्या कहा?
वहीं, सांसद संजय राउत ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ गुजरात के प्रधानमंत्री हैं? उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसलिए लोगों को उम्मीद होगी कि यह कार्यक्रम देश की राजधानी में हो। राउत ने पूछा, क्या यह वाइब्रेंट गुजरात का कार्यक्रम है? उन्होंने इस विचार के पीछे के लोगों को'दिमागी नक्सली' भी कहा।

बहिष्कार की क्यों अपील की?
राउत ने दावा किया कि गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले पुरस्कार समारोह की जगह बदली जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे देश की राजधानी और राष्ट्रीय पुरस्कार की अहमियत कम की जा रही है। राउत ने कलाकारों से गुजरात नहीं जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश पर गर्व करने वाले कलाकार पुरस्कार लेने से इनकार कर दें।

पुरस्कार समारोह कहां होगा?
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह अब दिल्ली की जगह गुजरात के केवड़िया में होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 सितंबर को विजेताओं को पुरस्कार देंगी।

केवड़िया क्यों खास है?
केवड़िया का नाम अब एकता नगर रखा गया है। यहां दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। यह सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा है। इसे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' कहा जाता है। इसकी ऊंचाई 597 फीट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में इसका उद्घाटन किया था।
विज्ञापन


राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की पुरानी परंपरा क्या है?
1954 में पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिए गए थे। तब समारोह दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। इसके बाद ज्यादातर पुरस्कार समारोह विज्ञान भवन में ही हुए। हालांकि, कुछ मौकों पर यह समारोह दिल्ली से बाहर भी हुआ है। 1971 में 17वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह चेन्नई में आयोजित किया गया था।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें